Extreme Heat Warning in India: देश के कई राज्यों में गर्मी ने अभी से लोगों की परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और तेजी से बढ़ सकता है. इसी बीच लोग नौतपा को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसे साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है. मान्यता है कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर ज्यादा प्रभाव डालती हैं, जिसकी वजह से भीषण गर्मी पड़ती है. नौतपा में कई इलाकों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी, ताकि सेहत को नुकसान न हो. नौतपा को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं.
क्या होता है नौतपा?
हिंदू पंचांग और ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह अवधि लगातार 9 दिनों तक चलती है और इसे साल के सबसे गर्म दिनों का समय माना जाता है. इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे ज्यादा महसूस होती है और उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में लू का असर काफी बढ़ जाता है.
इस साल कब शुरू होगा नौतपा?
इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने की संभावना है. इन 9 दिनों के दौरान दिन का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी और हीटवेव की स्थिति बन सकती है.
कितना बढ़ सकता है तापमान?
नौतपा के दौरान आमतौर पर तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. कई इलाकों में तो तापमान 45 से 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीटवेव की स्थिति बन सकती है
नौतपा क्यों पड़ता है?
वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय सूर्य कर्क रेखा के करीब पहुंचता है. इससे सूर्य की किरणें ज्यादा सीधी और तीखी हो जाती हैं, जिसके कारण धरती का तापमान तेजी से बढ़ता है.
इसका सेहत पर क्या असर पड़ता है?
नौतपा में अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. लोगों को डिहाइड्रेशन और कमजोरी महसूस हो सकती है. कई बार चक्कर आने और थकान की शिकायत बढ़ जाती है. नौतपा में बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि उनका शरीर ज्यादा सेंसिटिव होता है. नौतपा में सभी लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए.
नौतपा में कैसे करें बचाव?
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी और समय-समय पर ORS पिएं
हल्की और लिक्विड डाइट लें, सूती और ढीले कपड़े पहनें
बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें
नौतपा को लेकर धार्मिक मान्यताएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में सूर्य देव की तपिश सबसे अधिक होती है. इस दौरान सूर्य देव की पूजा, जल अर्पित करना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है. कहा जाता है कि नौतपा जितना तेज पड़ता है, मानसून उतना ही अच्छा होता है. पुराने समय में किसान इसे अच्छी बारिश और बेहतर फसल का संकेत मानते थे. नौतपा को तप का समय भी माना जाता है. धार्मिक रूप से यह आत्मसंयम, साधना और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. कई लोग इस दौरान व्रत, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करते हैं. भीषण गर्मी के कारण इस समय प्यासे लोगों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता है. कई जगहों पर प्याऊ लगाई जाती हैं और जल सेवा की जाती है.





