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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हार्वर्ड, एमआईटी और येल जैसे 22 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में सैन्य अधिकारियों के फेलोशिप कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. हेगसेथ ने इन संस्थानों को अमेरिका विरोधी बताते हुए भविष्य की एआई और स्पेस ट्रेनिंग के लिए लिबर्टी और जॉर्ज मेसन जैसे नए संस्थानों को चुना है. यह फैसला शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 से प्रभावी होगा, जिससे कुल 93 सैन्य फेलोशिप प्रभावित होंगी.
अमेरिका सेना ने यह फरमान जारी किया है. (AI Image)
वॉशिंगटन: वॉशिंगटन के सत्ता गलियारों में एक ऐसी ‘ब्लैकलिस्ट’ जारी हुई है जिसने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्रों की नींव हिला दी है. कल तक जिन हार्वर्ड, एमआईटी और येल जैसे विश्वविद्यालयों की डिग्रियां अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के कंधों पर गौरव का सितारा होती थीं, आज उन्हें ही ‘देश विरोधी’ घोषित कर दिया गया है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के एक सीधे और सख्त फरमान ने साफ कर दिया है कि अब पेंटागन के जांबाज इन 22 यूनिवर्सिटीज की दहलीज पर कदम नहीं रखेंगे, वरना उनकी खैर नहीं. यह महज एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि अमेरिका की बौद्धिक दुनिया और उसकी सेना के बीच छिड़ा एक खुला युद्ध है. जिस एआई और स्पेस तकनीक की कमान कल तक इन दिग्गज संस्थानों के पास थी, अब उसे ‘संदिग्ध’ मानकर सैन्य अफसरों के लिए इन दरवाजों पर ताला लटका दिया गया है.
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा जारी एक हालिया मेमो के अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 से अमेरिकी सेना के अधिकारी दुनिया के 22 प्रमुख विश्वविद्यालयों में सीनियर सर्विस कॉलेज (SSC) फेलोशिप कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं बन सकेंगे. हेगसेथ ने इस फैसले के पीछे इन संस्थानों के “अमेरिका विरोधी” होने की चिंता जताई है. विशेष रूप से हार्वर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी खत्म करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था. नए नियमों के तहत अब पेंटागन केवल उन संस्थानों के साथ साझेदारी करेगा जो बौद्धिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हैं और जिनका अमेरिकी हितों के विरोधियों के साथ न्यूनतम संबंध है.
प्रभावित संस्थानों की सूची
पेंटागन द्वारा रद्द किए गए कार्यक्रमों में कुल 93 छात्रों की फेलोशिप प्रभावित हुई है. नीचे उन प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है जिनसे नाता तोड़ा गया है:
| क्र. सं. | संस्थान का नाम | सैन्य छात्रों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | हार्वर्ड यूनिवर्सिटी | 21 |
| 2 | सेंट लुइस यूनिवर्सिटी | 8 |
| 3 | मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) | 7 |
| 4 | टफ्ट्स यूनिवर्सिटी | 6 |
| 5 | जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी | 6 |
| 6 | कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी | 5 |
| 7 | ब्राउन यूनिवर्सिटी | 4 |
| 8 | कोलंबिया यूनिवर्सिटी | 3 |
| 9 | येल यूनिवर्सिटी | 2 |
| 10 | मिडलबरी कॉलेज | 1 |
| 11 | प्रिंसटन यूनिवर्सिटी | 1 |
| 12 | जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी | 1 |
| 13 | कॉलेज ऑफ विलियम एंड मैरी | 1 |
| 14 | क्वीन्स यूनिवर्सिटी | 1 |
| 15 | सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) | 4 |
| 16 | न्यू अमेरिका फाउंडेशन | 2 |
| 17 | द ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन | 2 |
| 18 | अटलांटिक काउंसिल | 2 |
| 19 | सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी (CNAS) | 2 |
| 20 | काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) | 2 |
| 21 | द हेनरी एल. स्टिम्सन सेंटर | 1 |
| 22 | जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी – वेस्ट स्पेस स्कॉलर्स प्रोग्राम | 1 |
विचारधारा और तकनीक का टकराव
पेंटागन का यह कदम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक वैचारिक रणनीतिक शिफ्ट है.
1. विचारधारा बनाम शिक्षा: हेगसेथ का तर्क है कि कई शीर्ष विश्वविद्यालय “अमेरिका विरोधी” भावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं. पेंटागन अब उन संस्थानों को प्राथमिकता दे रहा है जो विभाग की नीतियों के प्रति सार्वजनिक विरोध प्रकट नहीं करते. यही कारण है कि लिबर्टी यूनिवर्सिटी और हिल्डेल कॉलेज जैसे संस्थानों को नई सूची में शामिल किया गया है.
2. तकनीकी नुकसान का जोखिम: इस फैसले का सबसे विवादास्पद पहलू तकनीक पर पड़ने वाला असर है. उदाहरण के लिए, कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी वर्तमान में सेना के ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन सेंटर’ की मेजबानी करती है. एमआईटी और कार्नेगी मेलन जैसे संस्थानों को हटाने से एआई और स्पेस रिसर्च जैसे उन्नत क्षेत्रों में सैन्य अधिकारियों का निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संपर्क कट सकता है.
3. नया शैक्षणिक ढांचा: अब पेंटागन का ध्यान अंतरिक्ष (Space) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित उन्नत सैन्य प्रशिक्षण की ओर है.
सवाल-जवाल
पेंटागन ने किन मानदंडों के आधार पर नए संस्थानों का चयन किया है?
मेमो के अनुसार, नए संस्थानों को चार मानदंडों पर चुना गया है: बौद्धिक स्वतंत्रता, विरोधियों के साथ न्यूनतम संबंध, रक्षा विभाग के विरोध में न्यूनतम सार्वजनिक अभिव्यक्ति, और स्नातक स्तर के राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक नीति कार्यक्रम.
क्या यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा?
नहीं, मेमो में स्पष्ट किया गया है कि सीनियर सर्विस कॉलेज फेलोशिप कार्यक्रमों को हटाने का निर्णय शैक्षणिक वर्ष 2026–2027 से प्रभावी होगा.
नई सूची में शामिल कुछ प्रमुख संस्थान कौन से हैं?
पेंटागन ने लिबर्टी यूनिवर्सिटी, जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी, पेपरडाइन यूनिवर्सिटी, हिल्डेल कॉलेज और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा जैसे संस्थानों के साथ नई साझेदारी का प्रस्ताव रखा है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें





