पाकिस्तान में बढ़ी घरेलू हिंसा, कराची में चार महीनों में दर्ज हुए 297 मामले : रिपोर्ट
वुमन एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन सेल के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान के कराची में इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच कम से कम 388 बड़े लोगों और दस बच्चों को घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और ऐसे ही अपराधों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट बताती है कि कराची में घरों के अंदर किस तरह हिंसा हो रही है। घरेलू हिंसा सबसे ज्यादा रिपोर्ट की गई समस्या रही। जनवरी से अप्रैल के बीच अधिकारियों को घरेलू हिंसा की 297 शिकायतें मिलीं। इनमें से 190 मामलों का समाधान कर दिया गया, जबकि लगभग 100 मामले अब भी लंबित हैं। इससे पता चलता है कि पीड़ितों को राहत मिलने में देरी हो रही है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस ने तीन औपचारिक केस दर्ज किए। कराची में उत्पीड़न और धमकी के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रोटेक्शन सेल को उत्पीड़न और डराने-धमकाने से जुड़ी 83 शिकायतें मिलीं। इनमें से 42 मामलों को सुलझा लिया गया, जबकि 41 शिकायतों पर अभी कार्रवाई चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में औपचारिक केस दर्ज किया गया।
इसके अलावा, सेल को यौन उत्पीड़न और धमकी से जुड़े 19 मामले भी मिले। इनमें से नौ मामलों का समाधान हुआ, जबकि दस मामले अब भी जांच और कानूनी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, ये मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं।
हाल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन बढ़ रहे हैं, खासकर कमजोर वर्गों के खिलाफ। महिलाओं को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है और देश में महिलाओं की हत्या का गंभीर संकट बना हुआ है।
पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, जैसे तेजाब हमले, जबरन और कम उम्र में शादी, बलात्कार, मानव तस्करी, जबरन धर्म परिवर्तन और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं अब भी आम हैं। हर साल सैकड़ों महिलाओं की तथाकथित ‘ऑनर किलिंग’ में हत्या कर दी जाती है, जिनमें कई बार उनके अपने रिश्तेदार शामिल होते हैं। वजह अक्सर परिवार की कथित बदनामी बताई जाती है।





