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Hanta Virus Threat to India or not: अटलांटिक में क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंता वायरस से 3 मौतें होने और डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बाद ज्यादातर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस वायरस का भारत में भी खतरा है? इस पर सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. एन के गांगुली ने हंता वायरस के खतरे और बचाव के तरीकों पर विस्तार से बताया है.
हंता वायरस भारत में आ चुका है या नहीं, इसे लेकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने क्या है, जान लें?
Hanta Virus threat to India or not: अटलांटिक महासागर में डच’एमबी हडियस’ (MV Hondius) क्रूज शिप पर फैले हंता वायरस के कहर ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है. इससे हुई 3 मौतों के बाद डब्ल्यूएचओ ने भी इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. कोरोना से भी ज्यादा गंभीर और खतरनाक बताए जा रहे इस वायरस को लेकर सबसे बड़ा एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या हंता वायरस भारत में भी पहुंच चुका है?
इस पर अब सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने बेहद जरूरी जानकारियां दी हैं, साथ ही हंता वायरस और नोरो वायरस में बीच अंतर के बारे में भी बताया है.
डॉ. गांगुली ने कहा कि भारत में फिलहाल हंता वायरस फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि हंता वायरस और नोरो वायरस दोनों अलग-अलग हैं.
उन्होंने कहा कि नोरो वायरस मुख्य रूप से डायरिया और पेट की बीमारी करता है. हंता वायरस दो तरह की गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है.पहला पल्मोनरी सिंड्रोम, जिसमें संक्रमण के बाद मरीज के फेफड़ों में पानी भर जाता है. और इसका दूसरा सबसे खराब असर रीनल सिंड्रोम के रूप में देखने को मिलता है जिसमें किडनी प्रभावित होती है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है.
क्या हंता वायरस नया वायरस है?
डॉक्टर गांगुली कहते हैं कि हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है. इसका नाम कोरिया की “हंटा” नदी के नाम पर रखा गया है. सबसे पहले हंता वायरस के मामले कोरिया में सामने आए थे, बाद में यह कई देशों में फैल गया.
क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है?
डॉ. गांगुली का कहना है कि हंता वायरस के अलग-अलग प्रकार होते हैं. आमतौर पर हंता वायरस इंसान से इंसान में बहुत कम फैलता है लेकिन अर्जेंटीना और चिली में मिलने वाला “एंडी स्ट्रेन” इंसान से इंसान में फैल सकता है. साल 2018 में अर्जेंटीना में हंता वायरस का ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन देखा गया था.
बचने के लिए क्या करें
डॉक्टर कहते हैं कि हंता वायरस संक्रमित चूहों की लार और उनके संपर्क से फैलता है. किसी भी वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कोरोना के समय बचाव के तरीके अपनाए गए थे, ठीक वैसे ही तरीके हंता वायरस से बचाव के लिए अपनाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल भारत में इसका खतरा नहीं है.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें





