ईरान जंग पर भारतीय मूल के पत्रकार ने दागा तीखा सवाल, अमेरिकी विदेश मंत्री के सूख गए होठ, कौन हैं मनु राजू?


ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की जंग जारी है. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान में कत्लेआम मचा रहे हैं. ईरान भी पलटवार कर रहा है. अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. कुल मिलाकर जंग की आग और भड़कती जा रही है. इस बीच भारतीय मूल के एक पत्रकार के सवाल से अमेरिकी विदेश मंत्री के होठ सूख गए. जी हां, ईरान जंग पर वॉशिंगटन में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सीएनएन के पत्रकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली.अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और CNN के भारतीय मूल के सीनियर जर्नलिस्ट मनु राजू के बीच ईरान और इजरायल को लेकर दिए गए बयान पर जोरदार नोकझोंक हुई. बहस इतनी बढ़ गई कि विदेश मंत्री को आखिराकार कहना पड़ा, ‘This is my press conference.’ यानी यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.

दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने एक दिन पहले बयान दिया था कि अमेरिका को पहले से जानकारी थी कि इजरायल कार्रवाई करने वाला है. सोमवार को कांग्रेस की मीटिंग के बाद रुबियो ने रिपोर्टरों से कहा था, ‘हमें पता था कि इजरायली कार्रवाई होने वाली है. हमें पता था कि इससे अमेरिकी सेना पर हमला होगा, और हमें पता था कि अगर हम उन हमलों से पहले ही उन पर हमला नहीं करते, तो हमें ज़्यादा नुकसान होता.’ इस बयान को लेकर हलचल शुरू हो गई. इस बयान को ऐसे देखा गया कि मानो इजरायल की संभावित कार्रवाई के कारण अमेरिका ने पहले हमला करने का फैसला लिया.

क्यों असहज हो गए मार्को रुबियो

अब बुधवार को जब मार्को रुबियो प्रेस कॉन्फ्रेंस आए तो उनके पुराने बयान को लेकर काउंटर अटैक हुआ. जब इस बयान को लेकर सवाल दागा गया तो रुबियो सकपका गए. उन्होंने उल्टे मीडिया पर उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया. इस दौरान मनु राजू ने उनसे स्पष्टीकरण मांगी. वे क्या कहना चाहते थे, इसे समझाने को कहा. राजू ने उनका बयान कोट कर पढ़ना शुरू किया. तभी मार्को रुबियो बौखला गए. उन्होंने बीच में ही टोका और रोकते हुए कहा, ‘इसे स्पष्ट करने की कोई जरूरत नहीं है. आपको पूरा बयान पढ़ना चाहिए.’

ईरान और इजरायल के बारे में अपने दावे पर मार्को रुबियो और मनु राजू में बहस हुई.

झुके नहीं राजू

मगर भारतीय मूल के पत्रकार राजू झुके नहीं. जब राजू ने दोबारा सवाल पूछने की कोशिश की तो रुबियो ने सख्त लहजे में कहा, ‘रुकिए, मुझे जवाब देने दीजिए, क्योंकि यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.’ यह सब पूरी दुनिया के सामने ऑन कैमरा हुआ.

चलिए जानते हैं कि कैसे बहस हुई और किसने क्या कहा?

पत्रकार राजू: मिस्टर सेक्रेटरी, मैं बस यह साफ करना चाहता हूं कि आपने क्या कहा? इसके बाद रुबियो ने बीच में टोका.

रुबियो: ‘साफ़ करने के लिए कुछ भी नहीं है. आपको पूरा स्टेटमेंट पढ़ने की ज़रूरत है.

राजू: आपका कोट है कि हमें पता था कि इजरायली एक्शन होने वाला है, हमें पता था कि इससे हमला होगा.

रुबियो ने टोक कर कहा- ‘मैं समझता हूं’. फिर सेक्रेटरी ने राजू को चुप करा दिया क्योंकि वह उनसे कोट को साफ करने के लिए कहते रहे.

रुबियो- एक सेकंड रुकिए. मुझे जवाब देने दीजिए, क्योंकि यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.

फिर रुबियो ने समझाया:

‘आप लोग इसे गलत तरीके से पेश कर सकते हैं, लेकिन मुझसे कल एक खास सवाल पूछा गया था. सीधी बात यह है कि प्रेसिडेंट ने तय किया था कि हम पर पहले हमला नहीं होगा. यह इतना आसान है, दोस्तों. हम अमेरिकी सैनिकों को खतरे में नहीं डालेंगे. अगर आप यूनाइटेड स्टेट्स के प्रेसिडेंट से कहते हैं कि अगर हम पहले नहीं गए, तो और लोग मारे जाएंगे और अधिक लोग घायल होंगे, तो प्रेसिडेंट पहले जाएंगे. उन्होंने यही किया, प्रेसिडेंट हमेशा यही करेंगे. वह हमेशा यूनिफॉर्म पहने पुरुषों और महिलाओं और सभी अमेरिकियों की सेफ्टी और सिक्योरिटी को किसी भी चीज़ से पहले रखेंगे. वह हमेशा ऐसा करेंगे. और इसीलिए उन्होंने यहां ऐसा किया.’

ट्रंप का क्या दावा
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी यह आरोप खारिज किया कि इजरायल ने अमेरिका को मजबूर किया. ट्रंप ने कहा कि उनका आकलन था कि ईरान पहले हमला कर सकता है, इसलिए पहले कदम उठाना जरूरी था.

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