Last Updated:
कई डिफेंस कंपनियां रात-दिन अपने ‘कातिल’ ड्रोन फाइटर जेट्स के प्रोटोटाइप तैयार करने में जुटी हैं. ये हाई-टेक मशीनें अभी टेस्टिंग के दौर में हैं और अमेरिकी वायुसेना यह तय कर रही है कि कौन-सा डिजाइन असली जंग में दुश्मन को तबाह करेगा. हालात ऐसे हैं कि एक नहीं, बल्कि कई खौफनाक डिजाइनों को हरी झंडी मिल सकती है.
अमेरिका अब आसमान में ‘रोबोट फाइटर’ उतारने जा रहा है. (एआई)
वॉशिंगटन. पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अब जंग का चेहरा तेजी से बदल रहा है. अमेरिकी वायुसेना का सहयोगी लड़ाकू विमान (CCA) प्रोग्राम सिर्फ एक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आने वाले युद्धों की नई परिभाषा बनता दिख रहा है – जहां इंसान और मशीन मिलकर आसमान में तबाही मचाएंगे.
अभी कई डिफेंस कंपनियां अपने-अपने ड्रोन फाइटर जेट्स के प्रोटोटाइप तैयार कर रही हैं. ये हाई-टेक मशीनें टेस्टिंग के दौर में हैं और अमेरिकी वायुसेना यह तय कर रही है कि कौन-सा डिजाइन असली जंग में उतरेगा. हालात ऐसे हैं कि एक नहीं, बल्कि कई डिजाइनों को हरी झंडी मिल सकती है क्योंकि आने वाला युद्ध पारंपरिक नहीं, बल्कि मल्टी-लेयर और हाई-टेक होगा.
आगे की योजना और भी खतरनाक है. इन ड्रोन विमानों के अगले वर्जन में ज्यादा ऑटोनॉमी, ज्यादा मारक क्षमता और कई तरह के मिशन संभालने की ताकत होगी. यानी भविष्य का युद्ध ऐसा होगा, जहां बिना पायलट के भी घातक हमले किए जा सकेंगे और दुश्मन को समझ ही नहीं आएगा कि हमला कहां से हुआ.
लेकिन इस प्रोग्राम के सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं. कितने विमान बनेंगे, कौन-सा डिजाइन फाइनल होगा और कितनी फंडिंग मिलेगी… ये सभी फैसले अभी अधर में हैं. अमेरिकी वायुसेना के लिए यह भी जरूरी है कि ये सिस्टम सिर्फ ताकतवर ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद और सस्ते भी हों, ताकि बड़े पैमाने पर इन्हें तैनात किया जा सके.
सबसे बड़ा पेंच अमेरिकी संसद की मंजूरी है. बजट पास हुआ तो ये ‘ड्रोन वॉर मशीन’ जल्द ही हकीकत बन सकती है, लेकिन अगर राजनीति बीच में आई तो पूरा प्लान धीमा पड़ सकता है. फिर भी संकेत साफ हैं कि अमेरिका अब युद्ध को ऑटोमेशन के अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है.
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो हवाई जंग का पूरा खेल बदल जाएगा. इंसानी पायलट के साथ-साथ AI से लैस ड्रोन लड़ाकू विमान दुश्मन के लिए मौत का जाल बनेंगे. पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील इलाकों में, जहां ईरान और अमेरिका आमने-सामने खड़े हैं, यह तकनीक भविष्य की जंग को और भी ज्यादा खतरनाक, तेज और अप्रत्याशित बना सकती है.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





