अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा की रैली में डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें धोखेबाज करार दिया और दावा किया कि उन्होंने अपने भाई से शादी की है. ट्रंप ने मंच पर उमर की नकल उतारते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि उसने अपने भाई से शादी की, जो पूरी तरह अवैध है… क्या वह घिनौनी नहीं है?’ उन्होंने सोमालिया को ‘गंदा, गंदगी भरा और अपराधों से भरा’ देश बताया और उमर पर अमेरिका चलाने की सलाह देने का आरोप लगाया.
ऐसे में चलिये जानते हैं इल्हान उमर ने क्या सच में अपने भाई से शादी की और साथ ही समझते हैं कि इस्लाम में भाई-बहन के बीच विवाह का नियम क्या है?
इल्हान उमर की विवाह की क्या हकीकत?
दरअसल अमेरिका के मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर को लेकर ये दावे कोई नए नहीं. वर्ष 2016-2018 के आसपास दक्षिणपंथी ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया पर यह बात तेजी से फैली उमर ने अपने भाई से ही विवाह कर लिया है. हालांकि यह मजह एक अफवाह है. डोनाल्ड ट्रंप के दावे को लेकर बात करें तो यह उन्हीं पुरानी अफवाहों पर आधारित लगता है, जिसे बार-बार खारिज किया जा चुका है. प्रमुख फैक्ट-चेक संगठनों जैसे स्नूप्स, एपी, और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने इसे असत्यापित अफवाह बताया है, जिसका कोई विश्वसनीय सबूत, दस्तावेज या अदालती रिकॉर्ड इसकी पुष्टि नहीं करता.
तलाक और निकाह में उलझी इल्हान उमर
वर्ष 1982 में सोमालिया में जन्मी इल्हान उमर ने वर्ष 2002 में अहमद अब्दीसलाम हिरसी के साथ इस्लामिक रिति-रिवाज से निकाह किया था, जिनसे उनके तीन बच्चे भी है. हालांकि 2008 में उनका तलाक हो गया. फिर 2009 में उन्होंने ब्रिटिश सोमाली नागरिक अहमद नूर सईद एल्मी से सिविल मैरिज की, जो 2017 में लीगल डिवोर्स के साथ खत्म हुई. फिर उसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने हिरसी से दोबारा लीगल मैरिज की और इस दौरान उन्हें तीसरा बच्चा भी हुआ. हालांकि यह दूसरी शादी एक साल से भी कम वक्त तक चली और उमर ने दोबारा हिरसी से तलाक ले लिया. इसके बाद वर्ष 2020 में उमर ने टिम माइनेट से विवाह किया और अभी उन्हीं के साथ जीवन गुजार रही है.
इन तीनों शादियों में से कोई भी शख्स रिश्ते में उनका भाई नहीं लगता. उमर ने भी इन आरोपों को ‘घिनौने झूठ’ बताया और एल्मी और हिरसी दोनों में किसी को भी उनके भाई साबित करने वाला कोई प्रमाण नहीं मिला. हालांकि इस्लाम को लेकर यह बात अक्सर फैलाई जाती है कि इसमें भाई-बहन की शादी की इजाजत है. तो चलिये उनकी भी हकीकत जान लेते हैं…
भाई-बहन की शादी पर क्या कहता है कुरान?
इस्लाम भाई-बहन को स्पष्ट रूप से महरम (निषिद्ध) मानता है. कुरान मजीद की सूरह अन-निसा (4:23) में महरम रिश्तेदारों (जिनसे विवाह स्थायी रूप से वर्जित है) की सूची दी गई है. इसमें लिखा है…
‘तुम्हारे लिए हराम की गई हैं तुम्हारी माताएं, तुम्हारी बेटियां, तुम्हारी बहनें, तुम्हारे पिता की बहनें, तुम्हारी मां की बहनें, तुम्हारे भाई की बेटियां, तुम्हारी बहन की बेटियां, तुम्हारी माताएं जिन्होंने तुम्हें दूध पिलाया, तुम्हारी दूध-बहनें…’
यह आयत भाई-बहन विवाह को साफ तौर पर प्रतिबंधित करती है. इस्लाम में विवाह की पवित्रता, वंश की रक्षा और सामाजिक नैतिकता पर जोर दिया जाता है. खून के रिश्ते में निकट संबंध को सबसे घिनौने पापों में गिना जाता है.
कुरान और हदीस में स्पष्ट निषेध
सूरह अन-निसा 4:22-23 में पिता की पत्नी, मां, बेटी, बहन आदि से विवाह हराम बताया गया. हदीस में पैगंबर मुहम्मद ने भी महरम से संबंध को गंभीर पाप माना. इस्लामी विद्वानों के अनुसार, भाई-बहन के साथ संबंध सबसे बड़ा गुनाह है, क्योंकि यह रक्त संबंध तोड़ता है. इसके लिए सजा के रूप में कुछ विद्वान हद्द (इस्लामी दंड) की बात करते हैं, हालांकि आधुनिक संदर्भ में तौबा (पश्चाताप) पर जोर है.
किनके-किनके बीच निकाह की इजाजत?
इस्लाम में चचेरे/ममेरे/फुफेरे भाई-बहन (cousins) से विवाह जायज है. कुरान में भी इसकी कोई रोक नहीं है, लेकिन सीधे भाई-बहन पूरी तरह हराम. सीधे खून के साथ-साथ दूध के रिश्ते में विवाह निषेध किया गया है. यानी अगर कोई महिला और कोई पुरुष के बीच कोई रिश्तेदारी न हो, लेकिन फिर भी दोनों ने एक ही मां का दूध पिया है, तब भी दोनों के बीच विवाह अवैध है.
इस्लाम में विवाह के नियम क्या हैं?
इस्लाम में निकाह सहमति, समानता, मेहर और नैतिकता पर आधारित है. कुरान में शांति और प्रेम का जिक्र है. मुस्लिम समाजों में सगे भाई-बहन विवाह की कोई परंपरा नहीं; बल्कि यह सामाजिक बहिष्कार का कारण बनता है.
दरअसल प्राचीन काल में मिस्र जैसी कुछ संस्कृतियों में शाही खानदान में इंसेस्ट आम था. तब सगे भाई-बहनों, मां-बेटे, बाप-बेटी की ही शादियां हो जाती थी. तब इस रक्त शुद्धता बनाए रखने से जोड़ा जाता था, लेकिन इस्लाम ने इसे जड़ से खत्म कर दिया. आधुनिक विज्ञान भी इंसेस्ट को जेनेटिक डिसऑर्डर से जोड़ता है, जो कुरान की हिकमत को दर्शाता है.
इल्हान उमर को लेकर क्यों उठती हैं ऐसी बातें
इल्हान उमर के मामले में भ्रम की एक वजह उनका जटिल निजी और पारिवारिक इतिहास भी रहा है. अलग-अलग समय पर सामने आई अधूरी जानकारी और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने इस विवाद को और हवा दी. कई बार दस्तावेज़ों और नामों की गलत व्याख्या भी की गई, जिससे यह नैरेटिव मजबूत हुआ कि उन्होंने अपने भाई से शादी की, जबकि इसका कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया.
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इल्हान उमर अमेरिका की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं. वह पहले भी अपने धर्म, पहचान और मूल देश को लेकर हमलों का सामना करती रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान भी उसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा माना जा रहा है, जहां व्यक्तिगत और धार्मिक पहचान को निशाना बनाकर बयान दिए जाते हैं.
हालांकि तथ्य यही बताते हैं कि इल्हान उमर पर अपने भाई से शादी करने का आरोप अब तक साबित नहीं हुआ है और इसे प्रमाणित करने के लिए कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है. वहीं इस्लामिक कानून इस बात को पूरी तरह स्पष्ट करता है कि भाई-बहन के बीच शादी पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर राय बनाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए, ताकि अफवाह और हकीकत के बीच का फर्क साफ रह सके.





