आपका टीवी कर रहा है आपकी जासूसी! तुरंत बदलें ये सेटिंग वरना खतरे में आ जाएगी पूरे परिवार की प्राइवेसी


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भारत में स्मार्ट टीवी की बढ़ती लोकप्रियता के साथ प्राइवेसी को लेकर चिंता भी बढ़ रही है. कई टीवी में ACR (Automatic Content Recognition) तकनीक डिफॉल्ट रूप से मौजूद होती है, जो यह ट्रैक करती है कि यूजर क्या देख रहा है और इस डेटा से यूजर का देखने का पूरा प्रोफाइल बनाया जा सकता है, जिसे विज्ञापन कंपनियों के साथ शेयर भी किया जा सकता है.

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ACR न सिर्फ आप क्या देख रहे है, बल्कि कितने समय तक देखा, स्किप क्या किया या रिवाइंड किया, यह भी ट्रैक कर सकता है.

भारत में स्मार्ट टीवी की बिक्री तेजी से बढ़ रही है. हर घर में अब इंटरनेट कनेक्टेड टीवी आम हो गए हैं, लेकिन इस सुविधा के साथ एक बड़ी चिंता भी जुड़ी हुई है. आप जो भी देखते उसकी जानकारी कई स्मार्ट टीवी रखते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह टेक्नोलॉजी ACR (Automatic Content Recognition) कहलाती है. इससे आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है.

ACR यानी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकग्निशन एक ऐसी तकनीक है जो टीवी स्क्रीन पर दिख रहे कंटेंट की लगातार जांच करती है. यह हर कुछ सेकंड में ही स्क्रीन के सैंपल या स्क्रीनशॉट लेता है. फिर इन सैंपल्स को एक बड़े डेटाबेस से मैच करके पता लगाता है कि आप कौन सा शो, मूवी, विज्ञापन, गेम या यहां तक कि HDMI से लैपटॉप पर चलाया गया कंटेंट देख रहे हैं. यह टेक्नोलॉजी सिर्फ टीवी के अंदरूनी ऐप्स तक सीमित नहीं है. केबल टीवी, गेमिंग कंसोल या बाहरी डिवाइस से आने वाले कंटेंट को भी पहचान लेती है. कई ब्रांड्स जैसे Samsung, LG, Sony, TCL और Hisense में यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है. इससे टीवी निर्माता और थर्ड-पार्टी कंपनियां आपकी देखने की आदतों का पूरा प्रोफाइल तैयार कर लेती हैं.

एडवरटाइजर्स को बेचा जाता है आपका डेटा

ACR के जरिए इकट्ठा किया गया डेटा एडवरटाइजर्स को बेचा या शेयर किया जा सकता है. इससे आपको अत्यधिक टारगेटेड एड दिखाए जाते हैं. कुछ मामलों में यह डेटा एनालिसिस कंपनियों तक भी पहुंच जाता है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ACR न सिर्फ आप क्या देख रहे है, बल्कि कितने समय तक देखा, स्किप क्या किया या रिवाइंड किया, यह भी ट्रैक कर सकता है. कई यूजर्स को इसकी जानकारी तक नहीं होती क्योंकि यह बैकग्राउंड में बिना बताए चलता रहता है. अमेरिका में कुछ टीवी ब्रांड्स पर इसकी वजह से मुकदमे भी हुए हैं. भारत में भी बढ़ते स्मार्ट टीवी यूजर्स के लिए यह मुद्दा गंभीर माना जा रहा है.

कैसे सुरक्षित रखें अपनी प्राइवेसी?

अधिकांश स्मार्ट टीवी में ACR को सेटिंग्स से आसानी से बंद किया जा सकता है-

  • टीवी की Privacy या System सेटिंग्स में जाएं.
  • ऑटोमैटिक कंटेंट रिकग्निशन, Viewing Data या ACR नाम के ऑप्शन को सर्च करें.
  • इसके बाद इसे ऑफ कर दें.

कुछ ब्रांड्स में यह नाम थोड़ा अलग हो सकता है, जैसे Content Intelligence या Smart Insights ऑप्शन. मैनुअल चेक करें या ब्रांड की सपोर्ट से संपर्क करें. ACR बंद करने से टारगेटेड ऐड्स कम हो सकते हैं और आपकी प्राइवेसी बेहतर रहेगी. स्मार्ट टीवी हम सभी के लिए सुविधाजनक हैं, लेकिन प्राइवेसी का ध्यान रखना जरूरी है. नई टीवी खरीदते समय प्राइवेसी पॉलिसी जरूर पढ़ें और नियमित रूप से सेटिंग्स चेक करें. साथ ही, अनावश्यक डेटा शेयरिंग बंद रखें.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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