हाई बीपी की शिकायत है, तो इतने पर चलाएं AC, डॉक्टर की चेतावनी- बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर


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इसमें कोई दोराय नहीं कि एसी गर्मी और इससे होने वाली परेशानी से राहत पहुंचाता है. लेकिन यदि आप रूम को बहुत ज्यादा ठंडा करके रहते हैं, तो ये आपके सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. ये खासतौर पर हाई बीपी के मरीज पर लागू होता है.

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आज के समय में एयर कंडीशनर गर्मी के लिए बेसिक नीड बन गयी है. लेकिन कुछ लोगों के लिए एसी की हवा परेशानी का सबब होती है. इसमें हाइपरटेंशन के मरीज भी शामिल हैं. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उनके शरीर के काम करने के तरीके पर तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव का बहुत ज्यादा असर पड़ता है.

ऐसे में मरीज अक्सर पूछते हैं कि क्या एसी उनके लिए सुरक्षित है या इससे उन्हें किसी तरह का नुकसान हो सकता है. इसके बारे में हमने डॉ. बिनय कुमार पांडे, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद सेक्टर-88 से बात की. डॉक्टर ने बताया कि एसी हाई बीपी पेशेंट के लिए मुसीबत साबित हो सकती है, लेकिन सिर्फ उसी वक्त जब इसे बहुत ज्यादा टेंपरेचर पर यूज किया जाता है.

दिल पर तापमान का असर
एक्सपर्ट बताते हैं कि बहुत ज्यादा गर्मी से पूरे शरीर पर, खासकर दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है. जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, हमारा शरीर खून की नसों को फैलाकर और पसीना ज्यादा निकालकर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है, लेकिन इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. इसके अलावा, बहुत ज्यादा गर्मी से कुछ लोगों को चक्कर आ सकते हैं, कमजोरी महसूस हो सकती है और अचानक ब्लड प्रेशर कम हो सकता है.

AC से परहेज की जरूरत नहीं!
एयर कंडीशनिंग कमरे का तापमान आरामदायक बनाए रखकर ,गर्मी के संपर्क से बचाकर, दिल और खून की नसों पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है. अपने दिल को स्वस्थ और ठीक से काम करते रहने के लिए, कमरे का तापमान जितना ज्यादा होगा, आपके दिल को शरीर का तापमान स्थिर बनाए रखने के लिए उतना ही कम काम करना पड़ेगा. एसी उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें दिल की बीमारियां हैं या उन बुज़ुर्गों के लिए है जिनका ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ या घट जाता है.

AC के गलत इस्तेमाल से बचें
तापमान को बहुत ज्यादा कम रखना, या छत के पंखों से आने वाली हवा के कारण अचानक तापमान में बदलाव से खून की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का बहाव कम हो जाता है. इससे कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. साथ ही, जब आप बाहर की तेज गर्मी से अंदर आते हैं जहां तापमान लगभग जमने जितना ठंडा होता है, तो तापमान में इस अचानक बदलाव के साथ तालमेल बिठाने की आपके शरीर की क्षमता में रुकावट आ सकती है, और इस तरह की रुकावट से आपके ब्लड प्रेशर में बदलाव हो सकता है. इसलिए, आपके AC का तापमान एक सही स्तर पर होना चाहिए, बेहतर होगा कि यह 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच हो, न कि इससे कम.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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