ईरानी जासूसों ने ट्रंप को मारने के लिए मुझे हायर किया था; पाक आतंकवादी का कोर्ट में खुलासा


अमेरिका के नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार एक पाकिस्तानी व्यक्ति ने बड़ा खुलासा किया. उस आरोपी आतंकी पाकिस्तानी ने बुधवार को अदालत में सनसनीखेज दावा किया कि ईरानी जासूसों ने उसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन को निशाना बनाने के लिए हायर किया था.

आरोपी आतंकवादी का नाम आसिफ मर्चेंट है. उसकी उम्र 47 साल है. उसने अदालत में बताया कि उसके परिवार को धमकी दी गई थी और उन्हें बचाने के लिए उसे इस साजिश में शामिल होना पड़ा. उसके पास कोई विकल्प नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी आसिफ मर्चेंट ने ब्रुकलिन की संघीय अदालत में जज के सामने कहा, ‘मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था. मेरे परिवार को धमकी दी गई थी.’

उस पर दो अंडरकवर एफबीआई एजेंट्स, जो हिटमैन के रूप में काम कर रहे थे, को हमले के लिए 5,000 डॉलर देने का आरोप है. आरोपी मर्चेंट पहले एक बैंकर था और बाद में उसकी केला व्यापार की कंपनी फेल हो गई थी. उसने अदालत में बताया कि अप्रैल 2024 में उसके ईरानी जासूस हैंडलर ने उसे अमेरिका जाने और शायद किसी की हत्या करने का आदेश दिया था.

उसने कहा, ‘उसने मुझे साफ-साफ नहीं बताया कि कौन है, लेकिन उसने तीन नाम लिए: डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली.’ उस समय डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के प्रमुख उम्मीदवार थे. निक्की हेली साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हैं. वह एक महीने पहले ही चुनावी दौड़ से बाहर हो गई थीं.

‘हत्या और दस्तावेज चुराने का आदेश’

आसिफ मर्चेंट को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था और जिसने आतंकवाद और हत्या के लिए सुपारी देने के आरोपों से इनकार किया था. उसने दावा किया कि उसके जासूस हैंडलर ने उसे हत्या के साथ-साथ अज्ञात दस्तावेज चुराने का भी आदेश दिया था.

उसके हैंडलर का नाम मेहरदाद यूसुफ बताया गया है, जो कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का सदस्य था. आरोपी मर्चेंट ने कहा कि उसने साजिश में इसलिए साथ दिया क्योंकि यूसुफ ने उसके ईरान में रह रहे रिश्तेदारों पर दबाव बनाया था.

उसने आगे दावा किया कि यूसुफ बिना बताए उसके ईरान स्थित घर के बाहर आया और मुलाकात के दौरान हथियार भी दिखाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मर्चेंट ने जज से कहा, ‘मेरे परिवार को खतरा था और मुझे यह करना पड़ा.’

एफबीआई की गुप्त सुरक्षा कैमरों ने जून 2024 में क्वींस के एक सस्ते होटल में आरोपी मर्चेंट को एक बैठक के दौरान एक रिपब्लिकन नेता की हत्या की योजना बनाते हुए रिकॉर्ड किया था. बाद में अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, वह व्यक्ति डोनाल्ड ट्रंप था.



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