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Why Trump take U- Turn on china: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हर बयान के बाद कुछ न कुछ कंट्रोवर्सी होती ही है. इस बार उन्होंने चीन को लेकर एक ऐसा ही बयान दिया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि वे अपने स्टाइल में चीन को भी फुसलाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि होर्मुज के मामले में दोनों देशों के बीच तल्ख बयानबाजी हो चुकी है.
चीन को बहराने में जुटे ट्रंप. (Credit- Reuters)
China-US Relation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर हैरान कर दिया. जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चीन अमेरिका को खुली धमकी दे चुका था, उसी को लेकर अब वो चीन को बहला रहा है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज को स्थायी रूप से खोल रहा हूं. मैं यह चीन के लिए भी और पूरी दुनिया के लिए भी कर रहा हूं. डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान तब आया है, जब दो दिन पहले उन्होंने चीन को ईरान की मदद के नाम पर आड़े हाथों लिया था और इस पर चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से तल्ख जवाब आया था.
हालांकि अब डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा कि अब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मुझे बीजिंग में मिलते ही बहुत खुश होंगे. आपको बता दें कि उनका मई 2026 में चीन दौरा तय हो चुका है. ऐसे में ट्रंप चाहते हैं कि कुछ भी ऐसा न हो, जिससे उनकी यात्रा पर असर हो. उन्होंने ईरान युद्ध के दौरान पहले अपनी यात्रा टाल दी थी और अब वे इसे नहीं टालना चाहते.
पहले क्या हुआ था?
केवल कुछ दिन पहले ट्रंप ने चीन को 50 फीसदी टैरिफ की धमकी दी थी. आरोप था कि चीन ईरान को हथियार भेज रहा है. चीन ने इसे बेबुनियाद बताते हुए साफ चेतावनी दी थी – ‘अगर अमेरिका टैरिफ लगाता है तो हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे.’ होर्मुज ब्लॉकेड को लेकर भी चीन ने अमेरिका की तीखी आलोचना की थी. अब अचानक ट्रंप का सुर बदल गया. वे कह रहे हैं कि चीन होर्मुज खुलने से बहुत खुश है और बीजिंग ने ईरान को हथियार नहीं भेजने का वादा किया है.
क्यों बदल गया रुख?
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप मई 14-15 को होने वाले अपने ऐतिहासिक चीन दौरे से पहले रिश्ते सुधारना चाहते हैं. होर्मुज का मुद्दा अभी भी संवेदनशील है. ईरान-युद्धविराम के बीच तेल की सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है. ट्रंप जानते हैं कि चीन के बिना कोई स्थायी समझौता संभव नहीं. इसलिए वे अब मीठी बातें कर रहे हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन और अमेरिका बहुत अच्छे तरीके से साथ काम कर रहे हैं. चीन की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
मई में बीजिंग यात्रा ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक बैठक साबित हो सकती है. अगर ट्रंप होर्मुज, ईरान और व्यापार जैसे मुद्दों पर चीन को मनाने में कामयाब हुए तो दोनों देशों के बीच नया समझौता हो सकता है. अगर चीन पुरानी धमकी वाली लाइन पर अड़ा रहा तो ट्रंप की बिग फैट हग वाली उम्मीद धरी की धरी रह सकती है. फिलहाल ट्रंप की यह नई रणनीति साफ दिखा रही है वो चीन को किसी न किसी तरह से अपने पाले में रखना चाहता है.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





