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Eye Health Tips: दिल्ली में आंखों के मशहूर डॉ राहील चौधरी ने बताया कि 18 साल से कम उम्र में पास से फोन टीवी देखने से नंबर बढ़ सकता है. इससे आंखे नहीं खराब होती हैं. काजल से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होता है. हालांकि मछली पोषक तत्वों से भरपूर होती है, लेकिन यह आंखों की बीमारी के लिए लाभदायक नहीं है.
दिल्ली: ईश्वर द्वारा मनुष्य को दी गई आंखें सबसे बड़ा वरदान मानी जाती हैं. वहीं, डॉक्टर भी आंखों के बारे में यह कहते हैं कि आंखें आत्मा की खिड़की होती हैं. इसलिए यह देखा गया है कि मनुष्य अपने शरीर के किसी अंग में होने वाली तकलीफ को तो झेल लेता है या फिर नजर अंदाज कर देता है, लेकिन आंखों में होने वाली किसी भी तरह की तकलीफ को ना तो मनुष्य झेल पता है और ना ही उसे नजर अंदाज कर पाता है. ऐसे में यह भी देखा गया है कि आंखों से जुड़े हुए कई मिथक भी आज भी हमारे समाज में कई सालों से चलते आ रहे हैं. इसी को लेकर लोकल 18 की टीम ने देश के इस समय के टॉप आंखों के विशेषज्ञ डॉ. राहील चौधरी से खास बातचीत की. आइये आपको बताते हैं कि उन्होंने इन मिथकों को लेकर क्या कुछ कहा.
डॉ राहील ने सबसे पहले इस मिथक पर बात करते हुए लोकल 18 से बताया कि ज्यादातर लोगों को आपने यह कहते हुए सुना होगा कि पास से फोन चलाने या फिर टीवी देखने या फिर लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करने से आंखों पर चश्मा लग जाता है और आंखों की रोशनी पर भी उसका असर पड़ता है, लेकिन उनका कहना था कि ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं है. यह किस उम्र के व्यक्ति को होता है. उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लोग यदि लगातार फोन या कोई भी चीज़ अपनी आंखों के बेहद करीब रख कर चलाएं तो उन्हें चश्मा लग सकता है.
वहीं, 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग यदि पास रखकर फोन या कोई भी ऐसी चीज चलाएं या देखें तो उन्हें चश्मा तो नहीं लगेगा. मगर उनकी आंखों पर अलग तरीके से असर पड़ता है. उन्हें सर दर्द होती है और आंखों पर स्ट्रेस फील होता है. इसलिए डॉ. राहील का कहना था कि सभी को यह कह देना कि आपकी आंखों पर चश्मा लग जाएगा. इतने पास से फोन या कोई भी चीज ना चलाएं या देखें तो यह कहना बिल्कुल गलत और एक मिथक है.
जानें क्या सुरमा आंखों के लिए है फायदेमंद
डॉ. राहील से जब लोकल 18 की टीम ने यह पूछा कि अक्सर भारतीय लोग बच्चों की आंखों में काजल लगाते हैं या फिर बड़े लोग और खासकर महिलाएं भी आंखों में काजल लगाती हैं तो क्या इससे कोई आंखों को फायदा होता है. क्योंकि इस चीज पर भी लोगों में काफी ज्यादा भ्रम है. इसे लेकर डॉ. राहील का साफ तौर पर यह कहना था कि साइंटिफिक तौर पर आंखों में काजल लगाने से किसी भी तरह का फायदा आंखों को नहीं होता है. उनका कहना था कि इसके उल्टे नुकसान हो सकते हैं. क्योंकि काजल के अंदर कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं. जो आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कई बार तो कई गंभीर इन्फेक्शन भी आपकी आंखों को हो नुकसान पहुंचा सकते हैं. जो कि कभी कभार दवाई से भी काबू में नहीं हो पाती है.
जानें क्या मछली खाने से आंखें रहती हैं स्वस्थ
डॉ. राहील से लोकल 18 की टीम ने पूछा कि क्या मछली खाने से आंखें स्वस्थ रहती हैं तो इसके ऊपर उन्होंने हंसते हुए कहा कि मछली के अंदर कई ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं. जो आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं, लेकिन उनका कहना था कि मिथक यहां पर आ जाती है. जब लोगों की आंखों में कोई परेशानी होती है और किसी तरह से उन्हें आंखों में दिक्कत आ रही होती है और वह तब भी लगातार मछली का सेवन करते रहते हैं और उनका यह मानना होता है की मछली खाने से यह दिक्कत ठीक हो जाएगी.
डॉ. राहील का कहना था कि यहीं पर गड़बड़ है. मछली खाने से आपकी आंखों में आई हुई दिक्कत ठीक नहीं हो सकती है. आपको उसके लिए डॉक्टर के पास जाकर ही इलाज करवाना होगा. मगर सिर्फ बात इतनी है कि मछली में कुछ ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं. जो आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन यदि आंखों में कोई भी परेशानी हो गई है या हो चुकी है तो वह मछली खाने से ठीक नहीं होगी. उसका इलाज ही करवाना पड़ेगा.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें





