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आधुनिक युद्ध में ड्रोन सबसे निर्णायक हथियार बनते जा रहे हैं. चीन का CH-5 Rainbow, रूस का S-70 Okhotnik, अमेरिका का MQ-9 Reaper और MQ-9B SkyGuardian, तुर्की का Bayraktar TB2 और Aksungur जैसे ड्रोन लंबी दूरी, भारी हथियार क्षमता और सटीक हमलों के लिए जाने जाते हैं. आइए जानें दुनिया के टॉप 10 ड्रोन के बारे में.
खाड़ी के देशों में ईरान अपने शाहेद ड्रोन के जरिए हमला कर रहा है. अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या ईरान अपने ड्रोन से सीधे अमेरिका की मुख्य भूमि पर हमला कर सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच की दूरी 11-12 हजार किमी की है. हाल के वर्षों में ईरान का ड्रोन कार्यक्रम काफी चर्चा में रहा है और यमन, सीरिया तथा खाड़ी क्षेत्र के संघर्षों में शाहेद-136 जैसे ड्रोन का इस्तेमाल भी हुआ है. हालांकि सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के मौजूदा ड्रोन अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं. ईरान के सबसे लंबी दूरी वाले ड्रोन आराश की अधिकतम रेंज करीब 2,000 किलोमीटर है. हालांकि दुनिया में अमेरिका के आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक जैसे ड्रोन हैं जो 22,780 किमी की उड़ान भर सकते हैं और लगभग 36 घंटे हवा में रह सकते हैं. हालांकि ये जासूसी के लिए बने हैं न कि हमला करने के लिए. आइए जानें दुनिया के सबसे घातक 10 ड्रोन के बारे में. (तस्वीर में RQ-4 Global Hawk )

MQ-9B SkyGuardian (अमेरिका): अमेरिका का MQ-9B स्काईगार्डियन दुनिया के सबसे उन्नत ड्रोन में गिना जाता है. इसकी रेंज करीब 11,000 किलोमीटर, उड़ान समय 40 घंटे से अधिक और हथियार क्षमता 2,155 किलोग्राम तक है. जनरल एटॉमिक्स ने इसे विकसित किया है. ड्रोन हेलफायर मिसाइल और JDAM बमों से लैस होता है और NATO अभियानों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है.

CH-5 Rainbow (चीन): चीन का CH-5 रेनबो ड्रोन लंबी दूरी के हमलों के लिए तैयार किया गया एक खतरनाक हथियार माना जाता है. इसकी रेंज करीब 10,000 किलोमीटर और उड़ान क्षमता 60 घंटे तक है. यह 1,000 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है. यह एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल और बम से लैस हो सकता है. चीन ने इसे पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों को भी बेचा है.
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S-70 Okhotnik (रूस): रूस का S-70 ओखोटनिक एक स्टेल्थ ड्रोन है जिसे भविष्य के युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी रेंज करीब 6,000 किलोमीटर और हथियार क्षमता 2,800 किलोग्राम तक है. सुखोई कंपनी ने इसे बनाया है जो बैट्री से नहीं बल्कि ऑयल से चलता है. इस ड्रोन को Su-57 स्टील्थ फाइटर के साथ मिलकर ऑपरेशन करने के लिए बनाया गया है. इसकी सबसे बड़ी ताकत है इसकी स्टेल्थ तकनीक, जो दुश्मन के रडार को धोखा देने में सक्षम है. इस तस्वीर में आप यूक्रेन में तबाह हुआ एक S-70 देख रहे हैं.

Gongji-11 Sharp Sword (चीन): चीन का गोंगजी-11 शार्प स्वॉर्ड एक फ्लाइंग-विंग डिजाइन वाला स्टेल्थ ड्रोन है जिसकी रेंज करीब 6,000 किलोमीटर और हथियार क्षमता 3,000 किलोग्राम तक बताई जाती है. यह हाइपरसोनिक मिसाइल तक ले जाने में सक्षम हो सकता है. 2019 में पहली बार सामने आए इस ड्रोन को चीन दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए देखता है.

Wing Loong II (चीन): चीन का विंग लूंग-II ड्रोन दुनिया के सबसे ज्यादा निर्यात किए जाने वाले सैन्य ड्रोन में शामिल हो चुका है. इसकी रेंज लगभग 4,000 किलोमीटर और उड़ान समय 32 घंटे तक है. यह 480 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है. एंटी-टैंक मिसाइल और प्रिसिजन बमों से लैस यह ड्रोन मध्य पूर्व के कई संघर्षों में इस्तेमाल हुआ है. इसे अक्सर अमेरिकी MQ-9 Reaper का चीनी जवाब कहा जाता है.

TAI Aksungur (तुर्की): तुर्की का अक्सुंगुर ड्रोन लंबी दूरी की निगरानी और हमले दोनों के लिए बनाया गया है. इसकी रेंज करीब 6,500 किलोमीटर, उड़ान क्षमता 49 घंटे और हथियार क्षमता 750 किलोग्राम है.

MQ-9 Reaper (अमेरिका): अमेरिका का MQ-9 रीपर आधुनिक ड्रोन युद्ध का चेहरा माना जाता है. इसकी रेंज करीब 1,850 किलोमीटर और उड़ान समय 27 घंटे है, जबकि यह 1,700 किलोग्राम तक हथियार ले सकता है. इराक और अफगानिस्तान में इसके हमलों ने ड्रोन युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया, हालांकि नागरिक हताहतों को लेकर इसकी आलोचना भी हुई है.

Hermes 900 (इजराइल): इजराइल का हर्मीस-900 मुख्य रूप से निगरानी और खुफिया मिशनों के लिए बनाया गया ड्रोन है. यह 36 घंटे तक लगातार उड़ सकता है और करीब 350 किलोग्राम पेलोड ले सकता है. एल्बिट सिस्टम्स द्वारा विकसित यह ड्रोन गाजा और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में इस्तेमाल हुआ है.

Bayraktar TB2 (तुर्की): तुर्की का बैराकतार TB2 कम लागत वाला लेकिन बेहद प्रभावी ड्रोन है जिसने यूक्रेन युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई. इसकी रेंज 1,000 किलोमीटर से अधिक, उड़ान समय 27 घंटे और हथियार क्षमता 150 किलोग्राम है. MAM-L गाइडेड हथियारों के कारण यह छोटे लेकिन सटीक हमलों के लिए जाना जाता है.

Kronshtadt Orion (रूस): रूस का ओरियन ड्रोन मध्यम दूरी के हमलों और निगरानी मिशनों के लिए विकसित किया गया है. यह करीब 24 घंटे तक उड़ सकता है और 250 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है. गाइडेड बम और विक्हर-1 मिसाइलों से लैस यह ड्रोन सीरिया में परीक्षण के बाद रूसी सेना में शामिल किया गया.





