अमेरिका-ईरान में संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे। बुधवार को हुए भीषण हमलों में 254 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1,165 लोग घायल हो गए। इस बमबारी के बाद लेबनान के अस्पतालों में जगह कम पड़ गई।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि इजरायल के ताबड़तोड़ हमलों से लेबनान में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के कारण देश के अस्पतालों में बैंडेज, एंटीबायोटिक्स की किल्लत हो गई है और जीवन बचाने वाली ट्रॉमा मेडिकल किट कुछ ही दिनों में खत्म हो सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इजरायली हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने के बाद इन किट्स का स्टॉक लगभग खत्म होने वाला है। लेबनान में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. अब्दिनासिर अबूबकर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “ट्रॉमा मैनेजमेंट के लिए जरूरी कुछ चीजों की पहले से ही कमी थी, और हो सकता है कि कुछ ही दिनों में वे पूरी तरह खत्म हो जाएं।” उन्होंने बताया कि जीवन बचाने वाली इन ट्रॉमा किट में बैंडेज, एंटीबायोटिक्स और एनेस्थेटिक्स शामिल होते हैं, जिनका इस्तेमाल युद्ध से घायल हुए मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है।
एक्स पर पोस्ट एक वीडियो क्लिप में अबूबकर ने बताया कि लोगों की स्थिति बेहद खराब है। नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों की जान को खतरा है। शिविरों में कितने दिन तक वो रह पाएंगे। सवाल यही है कि कैसे हम सेवाएं उपलब्ध करा पाएंगे। मानसिक तौर पर भी लोग काफी प्रभावित हुए हैं, ये असर दीर्घकालिक होगा।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान में संघर्ष विराम की घोषणा के बाद उम्मीद से उलट इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे। आईडीएफ ने दावा किया कि अटैक हिज्बुल्लाह के खिलाफ किया जा रहा है। बुधवार को हुए हमले में 254 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1,165 लोग घायल हो गए। इसे बड़ी घटना बताते हुए राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया।
लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। वहीं, गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। जहां जरूरत होगी, वहां कार्रवाई की जाएगी और जब तक उत्तरी इलाके (इजरायल) के लोगों की सुरक्षा पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक हमले चलते रहेंगे।





