Artemis II: चंद्रमा के पार ऐसा क्या हुआ कि अंतरिक्ष यात्री बोले, हम हमेशा पृथ्वी चुनेंगे


Artemis-2: 6 अप्रैल 2026 को नासा (NASA) के Artemis II मिशन ने मानव अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया. कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टिना कोच और कनाडियन एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसन ने चंद्रमा की परिक्रमा करते हुए 248,655 मील की दूरी पार की तो यह अद्भुत रिकॉर्ड बन गया और इसने अपोलो 13 के 56 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया. आर्टेमिस टू की यह यात्रा इंसानों द्वारा पृथ्वी से सबसे दूर की यात्रा बन गई. मिशन के चरम पर यह दूरी लगभग 252,756 मील तक पहुंच गई.

Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार चारों एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा के दूर वाले हिस्से (far side) से गुजरते हुए उन इलाकों को अपनी आंखों से देखने वाले पहले इंसान बने, जिन्हें अपोलो युग के क्रू कभी इतने करीब से नहीं देख पाए थे. खासकर चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र. सात घंटे लंबे लूनर ऑब्जर्वेशन पीरियड के दौरान उन्होंने चंद्रमा के गड्ढों, मैदानों और पहाड़ों की हजारों तस्वीरें खींचीं और वॉइस नोट्स रिकॉर्ड किए.

मिशन के सबसे रोमांचक पलों में से एक था कम्युनिकेशन ब्लैकआउट. जब Orion चंद्रमा के पीछे चला गया, तो पृथ्वी से संपर्क लगभग 40 मिनट के लिए टूट गया. यह नियोजित था, लेकिन भावनात्मक रूप से गहरा था. सिग्नल बहाल होते ही क्रिस्टिना कोच ने कहा, ‘हम हमेशा पृथ्वी को चुनेंगे, हम हमेशा एक दूसरे को चुनेंगे.’ उनके शब्दों में पृथ्वी के प्रति अटूट लगाव और टीम भावना झलक रही थी.

बच्चे की तरह उत्साहित हो गए एस्ट्रोनॉट्स
एस्ट्रोनॉट्स ने बताया कि चंद्रमा को देखकर वे ऐसे ही उत्साहित हो गए थे जैसे बचपन में चंदा मामा को देखकर बच्चे हो जाते हैं. इस दौरान कमांडर रीड वाइजमैन ने मिशन कंट्रोल को रेडियो पर कहा,

‘हम चारों ने अपनी पूरी जिंदगी चांद को देखा है, लेकिन खिड़की से जो नजारा हम देख रहे हैं, उस पर हमारी प्रतिक्रिया बिल्कुल वैसी ही है जैसे हम यहां ऊपर एक गुट बच्चे बन गए हों. हमें इसकी तृप्ति ही नहीं हो रही है. यह अद्भुत है.

चंद्रमा के पास से देखा सूर्य ग्रहण
टीओआई की खबर के मुताब‍िक इस दौरान क्रू ने सूर्य ग्रहण (solar eclipse) भी देखा. यह एक ऐसा दुर्लभ दृश्य था जो चंद्रमा से परे से संभव हुआ. उन्होंने अर्थराइज का मनोरम नजारा भी कैद किया, जब ओरियन चंद्रमा के पीछे से निकला.

क्या है आर्टेमिस-2
Artemis II कोई लैंडिंग मिशन नहीं है, लेकिन यह भविष्य की Artemis मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा जुटा रहा है. लूनर साइंस लीड केल्सी यंग के अनुसार, क्रू के पास १० साइंस ऑब्जेक्टिव्स और ३५ टारगेट्स थे. टैबलेट पर चलने वाले Lunar Targeting Plan ऐप की मदद से उन्होंने दो-दो की शिफ्ट में काम किया.

यह मिशन सिर्फ दूरी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ रहा, बल्कि विविधता का भी प्रतीक है. विक्टर ग्लोवर पहले व्यक्ति ऑफ कलर हैं जो चंद्रमा के आसपास गए, क्रिस्टिना कोच पहली महिला, और जेरेमी हैनसन पहले गैर-अमेरिकी. आर्टेमिस प्रोग्राम का लक्ष्य 2020 के दशक के अंत तक चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना है, जिसकी नींव Artemis II ने मजबूत कर दी है.

अब लौट रहा है ओरियन
ओरियन अब चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से मुक्त होकर पृथ्वी की ओर लौट रहा है. 10 अप्रैल को सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन होने वाला है.

यह यात्रा सिर्फ विज्ञान की नहीं, बल्कि इंसानी जिज्ञासा, साहस और आपसी जुड़ाव की कहानी है जो हमें याद दिलाती है कि चाहे हम कितनी दूर चले जाएं, हमेशा पृथ्वी और एक-दूसरे को चुनेंगे.



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