न्यायालय ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को मिली कथित धमकियों और उनके कामकाज में बाधा डाले जाने पर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि यदि सरकारी तंत्र सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो वह उपयुक्त उपाय करेगा। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जिस तरह से अतीत में हालात रहे हैं, उसे देखते हुए पश्चिम बंगाल से केंद्रीय बलों को वापस नहीं बुलाया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकारी तंत्र विफल होता है, तो हम सोचेंगे कि क्या किया जा सकता है।’’
सुनवाई के दौरान, पीठ ने अधिकरणों के प्रभावी और निष्पक्ष रूप से कार्य करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। न्यायमूर्ति बागची ने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन आयोग की भूमिका चुनावी भागीदारी को सीमित करने के बजाय उसे बढ़ाने की है।





