Last Updated:
Hyderabad to Srisailam Helicopter Service: हैदराबाद से श्रीशैलम के बीच 9 अप्रैल से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने जा रही है, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी. यह सेवा खासकर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक साबित होगी. सड़क मार्ग से लंबा समय लेने वाली यात्रा अब कम समय में पूरी की जाएगी. इस पहल से तेलंगाना पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को सुरक्षित व तेज विकल्प मिलेगा. प्रशासन को उम्मीद है कि यह सेवा क्षेत्रीय आंदोलनों को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा देगी.
तेलंगाना के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. हैदराबाद, सोमासिला और श्रीशैलम को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा 9 अप्रैल से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में आधुनिकता लाना और यात्रियों को सड़क मार्ग की लंबी थकान भरी यात्रा के बजाय एक आरामदायक और रोमांचक विकल्प प्रदान करना है. यह सेवा न केवल समय बचाएगी बल्कि पर्यटन को एक नई पहचान भी देगी.

इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण एरियल व्यू यानी आसमान से दिखने वाला नजारा होगा. पर्यटन विभाग अनुसार यात्री उड़ान के दौरान कृष्णा नदी के विशाल विस्तार और नल्लामाला के घने जंगलों की हरियाली को करीब से देख पाएंगे. यह अनुभव उन प्रकृति प्रेमियों के लिए यादगार साबित होगा जो जंगलों और नदियों की प्राकृतिक सुंदरता को एक अलग नजरिए से देखना चाहते हैं.

हेलीकॉप्टर यात्रा का पहला पड़ाव सोमासिला होगा. सोमासिला अपने मनोरम बैकवाटर के लिए प्रसिद्ध है. यहां पहुंचने पर पर्यटक न केवल रुकेंगे बल्कि उन्हें यहां के शांत वातावरण में नौका विहार का आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा. यह स्थान जल पर्यटन के शौकीनों के लिए इस पूरे ट्रिप का एक मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा.
Add News18 as
Preferred Source on Google

सोमासिला के बाद हेलीकॉप्टर श्रीशैलम की ओर उड़ान भरेगा. श्रीशैलम भारत के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां पर्यटक प्रसिद्ध श्री मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे. यह सेवा उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से वरदान साबित होगी जो कम समय में सुगम तरीके से ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहते हैं.

यह एक सुनियोजित डे ट्रिप होगी जो सुबह हैदराबाद से शुरू होकर सोमासिला और श्रीशैलम होते हुए उसी दिन वापस हैदराबाद में समाप्त हो जाएगी. इस पूरी परियोजना को सफल बनाने के लिए सरकार निजी विमानन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है. इसका टिकट का अभी आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन 15 हज़ार से शुरू होने की उम्मीद है.

सरकार की योजना केवल इन तीन केंद्रों तक सीमित रहने की नहीं है. इस सेवा की सफलता के बाद तेलंगाना के अन्य ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों जैसे नागार्जुन सागर, यूनेस्को धरोहर रामप्पा मंदिर और निज़ाम सागर के लिए भी इसी तरह की हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. इससे आने वाले समय में राज्य में हेली-टूरिज्म का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा.





