इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने हार्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सभी देशों से अपने वॉरशिप वहां भेजने की अपील की थी। हालांकि, ट्रंप को इसमें सफलता हाथ नहीं लगी। अब तक किसी भी देश ने ट्रंप के इस फैसले को अपना समर्थन नहीं दिया है।
वहीं, ट्रंप के पहले वाले दावों को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफतौर पर खारिज करते हुए कहा था कि इस गैर-कानूनी युद्ध के खिलाफ जितना समय लगेगा, तेहरान अपनी रक्षा के लिए तैयार है। विदेश मंत्री ने कहा, “हमने कभी सीजफायर के लिए नहीं कहा और हमने कभी बातचीत के लिए भी नहीं कहा। हम अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं, जब तक जरूरत हो।”





