बैठे-बैठे अकड़ जाती है कमर? तुरंत राहत के लिए करें पश्चिमोत्तानासन, महसूस होगी नई जान


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Stiff Lower Back Exercises: लंबे समय तक बैठे रहने से कमर अक्सर अकड़ जाती है. ये समस्या डेस्क जॉब करने वालों के साथ बहुत कॉमन है. ऐसे में तुरंत राहत के लिए पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद साबित होता है. यहां आप इस योगासन को करने का सही तरीका और फायदा जान सकते हैं.

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आज के समय में ज्यादातर काम लैपटॉप से ही हो जाता है. ऐसे में हमारा ज्यादातर समय ऑफिस या कुर्सी पर बैठकर गुजरता है. ऐसे में कमर दर्द की समस्या बहुत कॉमन होती जा रही है. लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहने कमर पर प्रेशर पड़ता है, जिससे अकड़न महसूस होने लगती है. ऐसे में पश्चिमोत्तानासन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचाते हैं.

यह आसन हठयोग की मूलभूत मुद्राओं में शामिल है. इसे ‘सीटेड फॉरवर्ड बेंड’ या ‘पश्चिम उत्तासन’ भी कहते हैं. यह एक संस्कृत शब्द है, ‘पश्चिम’ का अर्थ ‘शरीर का पिछला हिस्सा’ और ‘उत्तान’ का अर्थ ‘गहरा खिंचाव’ या तीव्र विस्तार और ‘आसन’ का अर्थ ‘मुद्रा’ है. यानी यह आसन शरीर के पिछले हिस्से को गहराई से खींचता है.

आसनों में सर्वश्रेष्ठ
हठ योग प्रदीपिका के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन एक प्रमुख आसन है, जिसे ‘आसनों में सर्वश्रेष्ठ’ में से एक माना जाता है और यह हठ योग के 12 मूल आसनों में गिना जाता है. यह आसन पीठ और पैरों को अच्छा खिंचाव देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. यही नहीं, पेट की चर्बी को भी कम करता है.

साइटिका-मोटापे में भी फायदेमंद
आयुष मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन (सीटेड फॉरवर्ड बेंड) डायबिटीज, साइटिका और मोटापे के लिए एक अत्यंत लाभकारी योगासन है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है. यह पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मानसिक तनाव व चिंता को कम करने में मदद करता है.

पश्चिमोत्तानासन करने का सही तरीका
पश्चिमोत्तानासन करने से पहले सही तरीका जानना बेहद जरूरी है. इसे करते समय शरीर पर ज्यादा जोर न डालें खासकर जब आप इसकी शुरुआत कर रहे हैं. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पैरों को सीधे फैलाकर बैठें. फिर गहरी सांस लें और धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं. अपनी क्षमता अनुसार हाथों से पैरों को छुएं और सिर या नाक घुटनों से मिलाएं. थोड़ी देर ऐसे ही रुकें, फिर धीरे-धीरे वापस सीधा हो जाएं.

इन बातों का ध्यान रखें
शुरू में इस आसन को करने के लिए शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें. रोजाना योगाभ्यास करने से शरीर खुलने लगेगा. पेट में अल्सर, दस्त या हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो तो यह आसन न करें या फिर किसी भी विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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