वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप, जो हमेशा अपनी जीत और लोकप्रियता के दावों के लिए जाने जाते हैं, इस वक्त अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं. ईरान के साथ छिड़ी लंबी और खौफनाक जंग ने न केवल दुनिया का चैन छीना है, बल्कि खुद ट्रंप के ‘मैजिक’ को भी खत्म कर दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिन लोगों ने ट्रंप को वोट दिया था, अब वो भी पछता रहे हैं. ट्रंप की नेट अप्रूवल रेटिंग गिरकर माइनस 17 (-17) पर पहुंच गई है. ये गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने अमेरिका के इतिहास में पिछले सभी राष्ट्रपतियों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
इतिहास के सबसे ‘अलोकप्रिय’ राष्ट्रपति ट्रंप
फॉक्स न्यूज के सर्वे ने बढ़ाई धड़कनें
ट्रंप के करीबी माने जाने वाले ‘फॉक्स न्यूज’ के पोल ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी है. 26 मार्च को आए आंकड़ों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पिछले साल मार्च में जहां 92% रिपब्लिकन ट्रंप के साथ थे, अब वह घटकर 84% रह गए हैं. यानी उनके अपने घर में ही विरोध के सुर उठने लगे हैं. करीब 75% निर्दलीय वोटरों ने ट्रंप के कामकाज को नकार दिया है, जो किसी भी चुनाव को जीतने के लिए सबसे अहम होते हैं.
ईरान नीति पर जनता का ‘नो कॉन्फिडेंस’
क्या ‘MAGA’ लहर अब कमजोर पड़ रही है?
ट्रंप की पूरी ताकत उनका ‘MAGA’ बेस है, लेकिन एमहर्स्ट पोल के मुताबिक अब केवल 33% लोग ही खुद को इस आंदोलन से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. युद्ध की वजह से बढ़ती तेल की कीमतें और अमेरिकी सैनिकों की मिडिल ईस्ट में भारी तैनाती ने आम अमेरिकी नागरिक के मन में डर पैदा कर दिया है. क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी और AP-NORC जैसे बड़े संस्थानों ने भी ट्रंप की रेटिंग को 38% के आसपास ही रखा है, जो उनके भविष्य के राजनीतिक फैसलों के लिए एक बड़ी चेतावनी है.





