जहांगीर ने कहा, “जब तबाही वाले क्षेत्र की फोटो ली जाती है, तो दुश्मन को बताया जाता है कि टारगेट सही जगह पर है। ऐसी जानकारी देना दुश्मन के साथ इंटेलिजेंस में सहयोग करने जैसा ही है।”
ईरान के अधिकारियों ने पहले अमेरिका और इजरायल को जानकारी भेजने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही इस मामले में ईरानी सरकार ने कार्रवाई करते हुए दो अन्य लोगों को मौत के घाट उतार दिए। इन पर कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बल ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर अमेरिका-इजरायली जासूसी सर्विस को संवेदनशील जगहों की जानकारी भेजने के आरोप लगाए गए।





