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Air Conditioner vs Cooler: गर्मी में लोग ठंडक पाने के लिए घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. हालांकि, कई बार ये उपकरण आराम देने के साथ-साथ सेहत पर भी असर डाल सकते हैं. लंबे समय तक गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों को सर्दी-खांसी, एलर्जी या त्वचा से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि AC और कूलर में से कौन सा उपकरण स्वास्थ्य के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. (रिपोर्ट: दीपक/खरगोन)
जैसे-जैसे गर्मियां बढ़ने लगती है, हम एसी और कूलर का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. निमाड़ क्षेत्र और खरगोन जिले में अभी से तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस होने लगी हैं. ऐसे में लोग राहत पाने के लिए कूलिंग उपकरणों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों में से कौन सा बेहतर विकल्प है.

Local18 से बातचीत में खरगोन के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य (MD) ने बताया कि गर्मी में AC और कूलर दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन जगह के अनुसार, दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं. वे बताते हैं कि समुद्र किनारे वाले इलाकों में जहां नमी ज्यादा होती है, वहां AC ज्यादा असरदार माना जाता है.

लेकिन, निमाड़ अंचल जैसे ड्राई यानी शुष्क इलाकों में कूलर ज्यादा बेहतर काम करता है. वहीं, स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो AC की तुलना में कूलर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें बाहर की ताजी हवा कमरे में आती रहती है.
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विशेषज्ञ बताते हैं कि कूलर बाहर की ताजी हवा को खींचकर पानी की मदद से उसे ठंडा करता है. फिर कमरे में भेजता है. इस वजह से कमरे में हवा का फ्लो बना रहता है और ऑक्सीजन की मात्रा भी ठीक रहती है. इसी कारण कूलर की हवा आमतौर पर शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक मानी जाती है. खासकर ड्राई इलाकों में कूलर अच्छी ठंडक देता है और हवा भी ताजी रहती है.

AC कमरे की हवा को ही बार-बार ठंडा करके घुमाता है. कमरे को पूरी तरह बंद रखने की वजह से ताजी हवा अंदर नहीं आ पाती. इससे कई बार कमरे की नमी कम हो जाती है. लंबे समय तक AC में बैठने से त्वचा ड्राई होने लगती है. कई लोगों को गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत या एलर्जी जैसी परेशानी भी हो सकती है. कुछ मामलों में सिर दर्द और थकान भी महसूस होती है.

डॉ. मौर्य बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक AC की तेज हवा में बैठता है तो शरीर की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है. इससे त्वचा रूखी हो सकती है और कुछ लोगों को खुजली या स्किन एलर्जी की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा अचानक बहुत ठंडे माहौल से बाहर की गर्मी में जाने पर सर्दी-जुकाम और गले की समस्या भी बढ़ सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे AC हो या कूलर, दोनों का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है. कूलर का पानी नियमित बदलना चाहिए और उसे साफ रखना चाहिए ताकि उसमें बैक्टीरिया या मच्छर न पनपें. वहीं AC का तापमान बहुत कम नहीं रखना चाहिए और बीच-बीच में कमरे की खिड़की खोलकर ताजी हवा आने देना चाहिए. इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.





