थोक महंगाई दर में वृद्धि और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच बुधवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। पिछले कारोबारी सत्र में उछाल के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 73,195.26 अंक के उच्च स्तर तक गया और 72,578.75 अंक के निचले स्तर तक आया।
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 99.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 22,622.70 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी रही।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 11.39 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 9.92 प्रतिशत थी। खाद्य पदार्थों, विनिर्मित वस्तुओं तथा ईंधन एवं बिजली की कीमतें बढ़ने से थोक मुद्रास्फीति में तेजी आई।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से पहले सतर्कता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। थोक महंगाई के अपेक्षा से अधिक रहने से मौद्रिक नीति सख्त होने की आशंकाएं बढ़ गईं, जिससे वाहन, निजी बैंक और धातु कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा।’’
व्यापक बाजार में भी गिरावट देखी गई। छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.72 प्रतिशत टूट गया जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट 0.14 प्रतिशत के नुकसान में रहा।




