कूड़े के ढेर से बना हरियाली का स्वर्ग! नोएडा का यह पार्क जल संरक्षण की मिसाल, खरगोश भी हैं आकर्षण


Last Updated:

नोएडा के सेक्टर-54 में स्थित ‘वेस्ट टू वेल्थ-वेटलैंड पार्क’ शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है. कभी कचरे का ढेर रही यह जगह आज हरियाली, प्राकृतिक जल शोधन, जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए जानी जाती है. ‘खरगोश पार्क’ के नाम से मशहूर यह स्थान अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है.

नोएडा के सेक्टर-54 में स्थित ‘वेस्ट टू वेल्थ-वेटलैंड पार्क’ इस बात की मिसाल है कि सही योजना और प्रयास से किसी भी जगह को नया स्वरूप दिया जा सकता है. जो स्थान कभी कूड़े के ढेर के रूप में जाना जाता था, वह आज हरियाली, जल संरक्षण और प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र बन चुका है. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह पार्क एक प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है.

करीब 25 एकड़ में फैला यह वेटलैंड पार्क पहले बेकार पड़ी जमीन और कचरे का क्षेत्र था. अब यहां हरियाली, स्वच्छ वातावरण और जल संरक्षण की आधुनिक व्यवस्था देखने को मिलती है. यह बदलाव दर्शाता है कि बेहतर योजना और प्रयासों से शहरों में पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक स्थान विकसित किए जा सकते हैं.

इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसका प्राकृतिक जल शोधन तंत्र है. यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से आने वाले पानी को वेटलैंड तकनीक के जरिए प्राकृतिक रूप से साफ किया जाता है. शुद्ध होने के बाद इस पानी को बड़े तालाबों में संग्रहित किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ पानी का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

वेटलैंड पार्क में प्राकृतिक रूप से साफ किए गए पानी को तालाबों में संग्रहित किया जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है. तेजी से शहरीकरण के दौर में जल संरक्षण की यह पहल भविष्य की जरूरतों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

यह पार्क ‘खरगोश पार्क’ के नाम से भी जाना जाता है. जल संरक्षण के साथ-साथ यह स्थानीय लोगों के लिए खुली हवा में समय बिताने और प्रकृति के बीच सुकून पाने की बेहतरीन जगह बन चुका है. हरियाली, तालाब और प्राकृतिक वातावरण शहर की भागदौड़ से राहत का एहसास कराते हैं, इसलिए सुबह और शाम यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं.

सेक्टर-54 स्थित यह वेटलैंड पार्क पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है. यहां जल संरक्षण, हरियाली और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों के लिए एक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक स्थान भी विकसित किया गया है.

‘वेस्ट टू वेल्थ-वेटलैंड पार्क’ इस बात का उदाहरण है कि जल संरक्षण केवल बड़े बांधों या विशाल परियोजनाओं तक सीमित नहीं है. शहरों के भीतर भी प्राकृतिक तकनीकों के माध्यम से पानी का संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है. यह पार्क इसी सोच और सतत विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है.

नोएडा का यह पार्क शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बेहतर तालमेल का उदाहरण है. प्राकृतिक जल शोधन, तालाबों के निर्माण और हरियाली के कारण यह स्थान लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. पार्क में खरगोशों के साथ कई अन्य छोटे जीव भी देखने को मिलते हैं, जो इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को और खास बनाते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img