Last Updated:
JD Vance Heaps In Laws: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा है कि अमेरिकी नागरिकता लेने वाले प्रवासियों को खुद को अमेरिकी मानना चाहिए, न कि उस देश का नागरिक जहां से वे आए हैं. वेंस ने जॉर्जिया विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय सास-ससुर की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रवासी ऐसे होते हैं. उन्होंने कभी भी ये नहीं कहा उनके मूल देश के लिए मैं कुछ करूं. आपको बता दें कि उन्होंने ऊषा वेंस से शादी की है, जिनके माता-पिता 80 के दशक में ही अमेरिका आए और यहीं की नागरिकता ले चुके हैं.
जेडी वांस. (Credit- Reuters)
वाशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रवासियों के मुद्दे पर बात करते हुए अपने ससुराल की जमकर तारीफ की. जेडी वेंस ने एक भारतीय मूल की अमेरिकन ऊषा वेंस से शादी की है. वे जब अमेरिकी नागरिकता लेने वाले प्रवासियों के बारे में बात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि इस देश की नागरिकता लेने वालों को खुद को अमेरिकी मानना चाहिए, न कि उस देश का नागरिक जहां से वे आए हैं. वेंस ने जॉर्जिया विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि उनकी शादी भारतीय प्रवासी की बेटी से हुई है, जिन्होंने अमेरिका में बहुत योगदान दिया है, लेकिन उनके ससुर ने कभी भी उनसे अपने मूल देश के हित में कुछ करने के लिए नहीं कहा.
भारतीय मूल की एक छात्रा के सवाल पर का जवाब देते हुए वेंस ने ये बात कही. उन्होंने कहा कि जब आप अमेरिकी नागरिक बनते हैं, चाहे आपके परिवार की नौ पीढ़ियां अमेरिका में रही हों या एक भी नहीं, आपको देश के सर्वोत्तम हित के बारे में सोचना चाहिए, न कि उस देश या समूह के बारे में जहां से आप आए हैं. छात्रा ने एच1-बी वीजा प्रणाली में धोखाधड़ी की शिकायत कर रही थी और उसने बताया कि उसके माता-पिता को अब तक ग्रीन कार्ड नहीं मिला है.
ससुराल की तारीफ में क्या बोले जेडी वेंस?
वेंस ने बताया कि उनके ससुर भारत से अमेरिका आए, यहीं पढ़ाई की और अमेरिकी नागरिक बन गए. उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके जीवन में कभी भी उनके ससुर ने उनसे यह नहीं कहा कि ‘आपको यह करना चाहिए’ क्योंकि यह उस देश के हित में है, जहां से वे आए हैं. उपराष्ट्रपति की शादी उषा वेंस से हुई है, जो लक्ष्मी और राधाकृष्ण चिलिकुरी की बेटी हैं. उनके सास-ससुर 1980 के दशक में अमेरिका में आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि एच-1बी प्रणाली में बहुत धोखाधड़ी होती है, लेकिन यह भी माना कि पहले आए लोगों ने अमेरिका को समृद्ध बनाया है.
‘जिस देश की नागरिकता ली, उसे ही अपना मानें’
उपराष्ट्रपति ने ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ के एक कार्यक्रम में कहा कि आपको खुद को एक अमेरिकी के रूप में देखना चाहिए. यह व्यवस्था तभी काम करती है जब सभी खुद को अमेरिकी मानें. ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ एक गैर-लाभकारी संगठन है जो शैक्षणिक संस्थानों में रूढ़िवादी राजनीति को बढ़ावा देता है. वेंस ने अपने सीनेट चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक घटना को याद किया, जिसमें यूक्रेनी मूल के एक अमेरिकी ने उनसे अपने देश का समर्थन करने के लिए कुछ करने का अनुरोध किया था. वेंस ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति से कहा, ‘महोदय, पूरे सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि अगर आप अमेरिकी हैं तो आपका देश अमेरिका है, न कि वह जगह जहां से आप आए हैं.’
About the Author
News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





