Dry Vs Soaked Raisins: भीगी हुई या सूखी? क्या है किशमिश खाने का सही तरीका, जानें फायदे


Last Updated:

Best Way To Eat Raisins: किशमिश खाने के फायदे बहुत है. लेकिन बॉडी की जरूरत के हिसाब से इसे सही तरीके से खाना जरूरी है. कुछ लोगों के लिए सूखी किशमिश फायदेमंद साबित होती है, तो कुछ लोगों को भीगी हुई खाना चाहिए. आपके लिए सही विकल्प क्या है, यहां इस लेख में जानिए.

ख़बरें फटाफट

Zoom

अंगूर को सुखाकर बनाए जाने वाली किशमिश कोई मामूली ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि पोषक तत्वों की भंडार है. इसमें फाइबर, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि भीगी हुई किशमिश ज्यादा फायदेमंद है या सूखी?

वैसे तो दोनों ही सेहत के लिए अच्छी हैं, लेकिन इनके असर अलग-अलग होते हैं. ऐसे में शरीर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसके का सही तरीका चुनना जरूर होता है. यहां आप भीगी और सूखी किशमिश दोनों के फायदे और सेहत पर पड़ने वाले इसके असर को जान सकते हैं.

भीगी हुई किशमिश के फायदे
किशमिश को कुछ घंटों तक पानी में भिगोने से वह मुलायम हो जाती है. इससे उसका फाइबर नरम हो जाता है, जो पेट के लिए आसान होता है. इसलिए जिन लोगों को कब्ज, एसिडिटी या पाचन की समस्या रहती है, उनके लिए भीगी किशमिश ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.

खाली पेट खाना ज्यादा फायदेमंद
भिगोने से इसमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे मिनरल्स शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं. साथ ही, भीगी किशमिश हल्का लैक्सेटिव असर देती है, जिससे पेट साफ रखने में मदद मिलती है. सुबह खाली पेट इसे खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर को हाइड्रेशन भी मिलता है.

सूखी किशमिश के फायदे
सूखी किशमिश में प्राकृतिक शुगर जैसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज अधिक मात्रा में होते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं. इसलिए यह वर्कआउट से पहले या दिनभर की थकान दूर करने के लिए एक अच्छा स्नैक है. इसमें फाइबर भी अधिक होता है, जो पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और ज्यादा खाने से बचाता है. हालांकि, अगर इसे बिना पानी के ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो यह पेट में भारीपन या हल्की सूजन का कारण बन सकती है.

पाचन और ऊर्जा में अंतर
भीगी किशमिश धीरे-धीरे ऊर्जा देती है, क्योंकि इसमें पानी होने से शुगर का अवशोषण धीमा होता है. वहीं सूखी किशमिश तुरंत ऊर्जा देती है. पाचन के लिहाज से भीगी किशमिश हल्की और आसान होती है, जबकि सूखी किशमिश को पचाने के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है.

कौन सी बेहतर है?
अगर आपका लक्ष्य बेहतर पाचन, कब्ज से राहत और शरीर में मिनरल्स का सही अवशोषण है, तो भीगी किशमिश बेहतर विकल्प है. वहीं अगर आपको तुरंत ऊर्जा चाहिए या आप बाहर हैं, तो सूखी किशमिश ज्यादा सुविधाजनक है.

कैसे करें सेवन
आप सूखी किशमिश को दही या अन्य मेवों के साथ मिलाकर खा सकते हैं. इससे यह एक हेल्दी और बैलेंस्ड स्नैक बन जाती है. ध्यान रखें कि बिना शक्कर वाली दही का ही इस्तेमाल करें. इसका बात का ध्यान रखें कि किशमिश में प्राकृतिक शुगर होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें. संतुलित मात्रा में भीगी और सूखी दोनों तरह की किशमिश को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img