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China Smart Car Ban: चीन-अमेरिका के बीच न सिर्फ सुपरपावर बनने की जंग छिड़ी हुई है बल्कि डिवाइसेज के जरिये भी ये एक-दूसरे को धोखे में डाल रहे हैं. तभी तो अमेरिका के सांसदों ने कानून के जरिये चीनी कारों पर रोक लगाने की मांग की है. उनका दावा है कि ये स्मार्ट कारें जासूसी करके डेटा चीन को ट्रांसफर कर रही हैं.
चीनी स्मार्ट कारों पर संदेह. (सांकेतिक तस्वीर)
China Smart Cars Ban in US: अमेरिका की ओर से हमेशा ये आरोप लगता रहा है कि चीन की तरफ से उसके यहां जासूसी कराई जाती है. हाल ही में अमेरिकी सांसदों की ओर से चीन में चीनी बनी कनेक्टेड गाड़ियों यानि स्मार्ट कारों पर बैन लगाने की मांग तेज हो गई है. अमेरिकी सीनेटरों के एक दो दलों वाले समूह ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम, जासूसी के खतरे और घरेलू ऑटो इंडस्ट्री को बचाने के लिए नया कानून पेश किया है. इस कानून के तहत अमेरिका में चीनी स्मार्ट कारों की मैन्युफैक्चरिंग पर शिकंजा करने की कोशिश की जाएगी.
सीनेटरों ने कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट नाम का बिल पेश किया. मिशिगन से रिपब्लिकन जॉन मूलेनार और डेमोक्रेटिक सीनेटर डेबी डिंगेल ने मिलकर यह प्रस्ताव दिया. यह बिल चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान जैसी देशों से जुड़ी कनेक्टेड गाड़ियों, उनके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर रोक लगाएगा. अमेरिका में ये आशंका हमेशा से रही है कि यहां चीनी डिवाइसेज और नागरिकों के जरिये जासूसी कराई जाती है. अब एक बार फिर से इसे लेकर मांग की जा रही है.
क्यों लग रहा है चीनी गाड़ियों से खतरा?
दरअसल मॉडर्न गाड़ियां सिर्फ चलने वाली मशीन नहीं हैं. जब ये इस्तेमाल होती हैं, तो बहुत सारा संवेदनशील डेटा भी इकट्ठा करती हैं. इसमें लोकेशन ड्राइवर की आदतें, यात्रियों की जानकारी और आसपास का इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है. फिर यह डेटा दूर से एक्सेस या कंट्रोल किया जा सकता है. अमेरिकी सांसदों का कहना है कि अगर ये गाड़ियां चीनी कंपनियों की हों तो डेटा चीन की सरकार तक आसानी से पहुंच सकता है. चीन के राष्ट्रीय खुफिया कानून के तहत कंपनियों को सरकार को डेटा देने पड़ता है और यहीं से जासूसी की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिकी सीनटरों ने क्या कहा?
अमेरिकी सीनेटर मूलेनार और डिंगेल ने कहा- ‘चीनी कंपनियां अनुचित तरीके से सस्ती गाड़ियां बना रही हैं. वे जबरन मजदूरी का फायदा उठाती हैं और सब्सिडी लेती हैं और इससे अमेरिकी नौकरियां खतरे में हैं.’ डेबी डिंगेल का कहना है कि यह बिल पिछली औद्योगिक गलतियों को दोहराने से रोकेगा. चीन भारी सब्सिडी देकर बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में इस पर रोक लगाना ही बेहतरीन होगा. 1 जनवरी 2027 से कनेक्टेड वाहन सॉफ्टवेयर पर रोक लगेगी, जबकि 1 जनवरी 2030 से हार्डवेयर पर रोक लगेगी. इस कानून के उल्लंघन पर भारी जुर्मानालग सकता है.
क्या चीन की गाड़ियां वाकई जासूसी कर रही हैं?
अमेरिका की ओर से यह सिर्फ शक नहीं है. अमेरिकी सरकार और विशेषज्ञों के मुताबिक ये वास्तविक खतरा है. कनेक्टेड कारेंपहियों वाली जासूसी मशीन बन सकती हैं. पहले भी हुवेई चीन की कंपनियों पर डेटा चीन भेजने के आरोप लग चुके हैं. अमेरिका पहले ही चीनी EV पर भारी टैरिफ लगा चुका है और कॉमर्स डिपार्टमेंट ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर नियम बनाए हैं. हालांकि चीन इसे अनुचित बताता है, लेकिन अमेरिका की चिंता जायज मानी जा रही है, खासकर जब BYD जैसी कंपनियां तेजी से दुनिया भर में फैल रही हैं.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





