वहीं, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले तीन हफ़्तों तक सरकार दावा कर रही थी कि तेल और गैस की सप्लाई पर्याप्त है लेकिन अब जब स्थिति आपातकालीन बन गई है, तभी सरकार ने एक्साइज़ ड्यूटी कम की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की विफलता को दर्शाता है। विशेष रूप से एलपीजी की भारी कमी को लेकर
उन्होंने चिंता व्यक्त की और बताया कि इससे छोटे उद्योग, रेस्टोरेंट, मजदूर, छात्र और बुज़ुर्ग सभी प्रभावित हो रहे हैं। पहले कुछ नहीं किया गया और अब जब यह एक आपातकाल बन गया है, तब सरकार हरकत में आई है। यह साफ़ तौर पर उसकी विफलता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पहले ध्यान दे देती तो आज देश में इतनी परेशानी न होती, देश के हालात खराब होने पर इनको देश की याद आती है।





