जयशंकर ने वो कर दिखाया, जो कोई न कर सका, होर्मुज क्रॉस कर ‘जग लाडकी’ पहुंचेगी भारत – Jag Laadki Ship Depart from UAE Will cross Strait of Hormuz


नई दिल्‍ली. दुनिया एक बार फिर से भारतीय कूटनीति की ताकत देख रहा है. ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों का आना-जाना बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. भारत की एनर्जी सिक्‍योरिटी के लिए होर्मुज का ओपन रहना काफी महत्‍वपूर्ण है, पर जंग के हालात में यह गलियारा भी प्रभावित हुआ है. होर्मुज पर संकट आते ही भारत एक्टिव हो गया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के टॉप लीडरशिप के साथ ही अरब देशों के शीर्ष नेतृत्‍व से बातचीत शुरू कर भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्‍ता मुहैया कराने की कोशिश शुरू कर दी. दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी मसूद पेजस्कियान ने बातचीत की और शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताई. इसके बाद ऐसे कठिन समय में भी होर्मुज के द्वार भारत के लिए खुलने लगे हैं. शिवालिक और नंदा देवी के बाद अब एक और शिप कच्‍चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है. इंडियन नेवी इसे एस्‍कॉर्ट कर रही है, ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते विफल किया जा सके.

दरअसल, वेस्‍ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाले जहाज ‘जग लाडकी’ (Jag Laadki) ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल टर्मिनल पर हुए हमले के बाद सुरक्षित रूप से रवाना होकर भारत की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है. मंत्रालय के अनुसार, 14 मार्च 2026 को जब भारतीय जहाज जग लाडकी फुजैरा सिंगल प्वाइंट मूरिंग (Single Point Mooring) पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान फुजैरा ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ. इसके बावजूद जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित रहे. जहाज रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे भारतीय समयानुसार फुजैरा से सुरक्षित रूप से रवाना हो गया. जहाज पर करीब 80,800 मीट्रिक टन ‘मुरबन’ (Murban) कच्चा तेल लदा हुआ है और यह भारत की ओर बढ़ रहा है.

जग लाडकी की लगातार मॉनिटरिंग

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समुद्री दुर्घटना या सुरक्षा घटना की सूचना नहीं मिली है. बता दें कि इस बीच दो अन्य भारतीय ध्वज वाले एलपीजी कैरियर जहाज (शिवालिक (Shivalik) और नंदा देवी (Nanda Devi)) भी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन दोनों जहाजों पर कुल मिलाकर करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है. मंत्रालय के अनुसार, शिवालिक जहाज 16 मार्च यानी सोमवार को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि नंदा देवी 17 मार्च बुधवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाली है.

होर्मुज स्‍ट्रेट ईरान युद्ध के चलते डिस्‍टर्ब हो गया है. (फाइल फोटो/Reuters)

22 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज, जिन पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं, फारस की खाड़ी क्षेत्र के पश्चिम में मौजूद हैं. इन जहाजों की गतिविधियों और सुरक्षा की निगरानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DG Shipping) द्वारा लगातार की जा रही है. यह निगरानी जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय में की जा रही है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि समुद्री हालात को लेकर नाविकों और उनके परिवारों की चिंताओं को दूर करने के लिए डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम सक्रिय रूप से काम कर रहा है. कंट्रोल रूम की स्थापना के बाद से अब तक 2,995 फोन कॉल और 5,357 से अधिक ई-मेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें जानकारी और सहायता से जुड़ी मांगें शामिल हैं.

सुरक्षा में कोताही नहीं

सरकार के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी भी लगातार सुनिश्चित की जा रही है. अब तक 276 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जिनमें से 23 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न हवाई अड्डों और क्षेत्रीय स्थानों से कराई गई. उधर, भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्रालय ने कहा कि देशभर के बंदरगाह मौजूदा समुद्री स्थिति को देखते हुए जहाजों की आवाजाही और कार्गो संचालन पर करीबी नजर रखे हुए हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य समुद्री हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए समुद्री व्यापार और बंदरगाह संचालन की निरंतरता बनी रहे.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img