America Iran Conflict : ईरान से लड़ते-लड़ते US आर्मी में हुई सैनिकों की भारी कमी? क्यों बदले भर्ती के नियम, गांजा वाला रूल भी ढीला


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ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अमेरिकी सैन्य शक्ति को अंदर से थका दिया है, मालूम होता है कि जंग के बीच अमेरिका के सैनिक कम पड़ रहे हैं, जिससे निपटने के लिए अमेरिका ने अपने दशकों पुराने सख्त भर्ती नियमों में ऐतिहासिक ढील दी है, जिसके तहत अब भर्ती की अधिकतम उम्र 32 साल से बढ़ाकर सीधे 42 साल कर दी गई है. इतना ही नहीं, गांजा पर लगे कड़े प्रतिबंधों को भी लगभग खत्म कर दिया गया है.

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अमेरिकी सेना में भर्ती के नियमों में ढील

वॉशिंगटन: दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली अमेरिकी सेना इस वक्त एक अजीबोगरीब संकट से गुजर रही है. ईरान के साथ हफ्तों से चल रही भीषण जंग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है. खबर है कि लगातार मोर्चों पर डटे रहने की वजह से अमेरिकी सेना में सैनिकों की भारी कमी हो गई है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अमेरिका को दशकों पुराने अपने सख्त भर्ती नियमों को अचानक बदलना पड़ा है. अब जवान दिखने वाले लड़कों की जगह ज्यादा उम्र के लोगों को भी फौज में भर्ती करने की तैयारी चल रही है. इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान के साथ युद्ध ने वाकई अमेरिका को अंदर से थका दिया है?

US आर्मी में अब 42 साल की उम्र तक होगी भर्ती

अमेरिकी सेना ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सैनिकों की भर्ती के लिए अधिकतम उम्र की सीमा 32 साल से बढ़ाकर सीधे 42 साल कर दी है. यानी अब 40 पार कर चुके लोग भी अमेरिकी सेना का हिस्सा बन सकेंगे. जानकारों का मानना है कि जवानों की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका अब उन लोगों को बुला रहा है जो पहले ‘ओवरएज’ माने जाते थे. यह बदलाव साफ संकेत देता है कि अमेरिका को इस वक्त नए रंगरूटों की सख्त जरूरत है.

‘मैरीगुआना’ पर प्रतिबंध खत्म

भर्ती नियमों में एक और चौंकाने वाला बदलाव यह हुआ है कि अब ‘मैरीगुआना’ या गांजे के सेवन को लेकर पहले जैसी सख्ती नहीं रहेगी. पहले अगर कोई उम्मीदवार ड्रग टेस्ट में पकड़ा जाता था, तो उसे तुरंत बाहर कर दिया जाता था. लेकिन अब भर्ती की जरूरतों को देखते हुए इन प्रतिबंधों को लगभग खत्म या बेहद ढीला कर दिया गया है. पेंटागन का मानना है कि सख्त नियमों की वजह से कई युवा भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे, जिसे अब वो अफोर्ड नहीं कर सकता.

क्यों आई सैनिकों की कमी?

ईरान के साथ जारी संघर्ष ने अमेरिकी सेना पर जबरदस्त दबाव बना दिया है. एक तरफ यूक्रेन-रूस संकट और दूसरी तरफ ईरान की मिसाइलों का सामना, अमेरिकी सैनिक कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहे हैं. लगातार तैनाती और युद्ध के खतरे की वजह से युवाओं का फौज की तरफ रुझान कम हुआ है. इसके अलावा, ईरान के साथ युद्ध में जिस तरह से ‘USS अब्राहम लिंकन’ जैसे पोतों को निशाना बनाया गया, उससे अमेरिकी युवाओं में डर और तनाव का माहौल भी बढ़ा है.

भर्ती नियमों में ढील: मजबूरी या मास्टरप्लान?

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह अमेरिका की कोई रणनीति नहीं बल्कि ‘मजबूरी’ है. पेंटागन हर साल अपना भर्ती लक्ष्य पूरा करने में पीछे छूट रहा है. ऊपर से ईरान जैसे दुश्मन से सीधी टक्कर ने रही-सही कसर पूरी कर दी है. उम्र सीमा बढ़ाना और नशीले पदार्थों के नियमों में ढील देना, ज्यादा से ज्यादा लोगों को वर्दी पहनाने का आखिरी रास्ता बचा है.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें





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