अर्थजगतः सेंसेक्स 1,836 अंक लुढ़का, निवेशकों के 13.65 लाख करोड़ रुपए डूबे और सोना फिसला, चांदी भी गिरी


सोना 9,050 रुपये टूटा, चांदी में 10,500 रुपये की गिरावट

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्षों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कीमती धातुओं (सोने-चांदी) में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका-ईरान युद्ध में तनाव बढ़ने के कारण सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया, जिससे शेयर बाजार समेत कमोडिटी मार्केट में गिरावट देखी गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, सोना 9,050 रुपये टूटकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, जबकि चांदी 10,500 रुपये की गिरावट के साथ 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शुक्रवार के 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद स्तर से 9,050 रुपये या लगभग छह प्रतिशत टूटकर 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। चांदी भी 10,500 रुपये या 4.36 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 5.28 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 3.55 प्रतिशत यानी 5,133 रुपए गिरकर 1,39,359 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 2.81 प्रतिशत यानी 6,383 रुपए की गिरावट के साथ 2,20,389 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई। सोमवार को 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 1,40,158 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 1,40,659 रुपए के उच्चतम स्तर तो एक समय 1,29,595 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं, 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी 2,17,702 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 2,23,967 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर थी, तो एक समय 1,99,643 रुपए प्रति किलो के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच पिछले कुछ समय से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण मुद्रास्फीति के नए सिरे से पनपे डर ने निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को झटका दिया है। दूसरी ओर, मुद्रास्फीति की आशंकाओं के कारण बाजार दबाव में है, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के कारण सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है।



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