तालाब में तैरने वाला यह पौधा है सेहत के लिए संजीवनी, पोषक तत्वों का है भंडार, फायदे जान हो जाएंगे हैरान


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Water Hyacinth Health Benefits : अक्सर तालाब या नहर में तैरती जलकुंभी को लोग बेकार पौधा समझते हैं, लेकिन इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. रामपुर के आयुष चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार जलकुंभी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व निकालने में मदद कर सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में इसके पत्तों का लेप फोड़े-फुंसी और सूजन में लगाया जाता है. कुछ लोग इसे उबालकर सब्जी या सूप के रूप में भी खाते हैं. हालांकि डॉक्टर प्रदूषित पानी में उगी जलकुंभी के सेवन से बचने की सलाह देते हैं.

रामपुर: अक्सर तालाब, नहर या पानी भरे गड्ढों में तैरती हुई जलकुंभी को लोग बेकार पौधा समझते हैं. कई जगह तो इसे पानी खराब करने वाला पौधा मानकर हटाया भी जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही जलकुंभी कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है और इसका उपयोग सही तरीके से किया जाए तो यह सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है. हालांकि डॉक्टर इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के मुताबिक जलकुंभी एक खुद उगने वाला पौधा है, जो तालाबों, नदियों या छोटे-छोटे पानी के जमाव वाले स्थानों पर आसानी से दिखाई देता है. इसके फूल आमतौर पर नीले रंग के होते हैं और यह पौधा पानी की सतह पर तैरता रहता है. कई बार लोग इसे बेकार समझकर हटाते हैं लेकिन इस पौधे की कुछ खासियतें भी हैं

डॉ. मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि जलकुंभी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं. यह शरीर में मौजूद कुछ विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है. यही कारण है कि कई जगहों पर इसे पारंपरिक घरेलू उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है.

उन्होंने बताया कि जलकुंभी का एक बड़ा फायदा यह भी माना जाता है कि यह पानी को साफ करने में मदद करता है. यह पौधा पानी में मौजूद कुछ हानिकारक तत्वों को सोख लेता है. जिससे पानी की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है. इसी वजह से कई जगह जलकुंभी को प्राकृतिक तरीके से पानी शुद्ध करने वाले पौधों में भी गिना जाता है.

आयुष डॉक्टर के अनुसार जलकुंभी का उपयोग त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं में भी किया जाता है, गांवों में लोग इसके पत्तों का लेप बनाकर फोड़े-फुंसी पर लगाते हैं. इससे सूजन और जलन में कुछ हद तक राहत मिल सकती है. इसके अलावा जोड़ों के दर्द या सूजन की समस्या में भी कुछ लोग इसका लेप लगाते हैं.

ग्रामीण इलाकों में कई लोग जलकुंभी को अच्छी तरह धोकर और हल्का उबालकर सब्जी के रूप में बनाते हैं और इसका सूप भी तैयार करते हैं. वहीं कुछ जगह इसे सुखाकर पाउडर बनाकर दाल या आटे में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे ज्यादा देर तक पकाने से इसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं. इसलिए हल्का पकाकर ही उपयोग करना बेहतर माना जाता है.

डॉ. मोहम्मद इकबाल का कहना है कि जलकुंभी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहिए. क्योंकि यह पौधा पानी में मौजूद कई तरह के तत्वों को सोख लेता है. इसलिए अगर यह प्रदूषित पानी में उगा हो तो इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है.

इसी वजह से डॉक्टर सलाह देते हैं कि बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. अगर सही जानकारी और सावधानी के साथ इसका उपयोग किया जाए तो जलकुंभी का इस्तेमाल कुछ पारंपरिक उपचारों में फायदेमंद माना जाता है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें



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