सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ पर्याप्त ठोस सबूत नहीं हैं। अदालत ने यह भी कहा कि एफआईआर में प्रक्रिया और तथ्यों को लेकर गंभीर कमियां हैं।
इस केस में नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था के पदाधिकारी गौरव गुप्ता ने एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने चार्जशीट जिला न्यायालय में दाखिल की, जिसमें बताया गया कि एल्विश का जेल में बंद सपेरों से संपर्क था। इसके अलावा, ईडी ने उन्हें कई बार लखनऊ में पूछताछ के लिए बुलाया था।





