गर्मियों में स्किन से जुड़ी समस्याएं क्यों बढ़ जाती हैं? इनकी क्या होती है वजह और किस तरह कर सकते हैं बचाव


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Skin Problems in Summer: गर्मी में घमौरियां, मुंहासे, फंगल इंफेक्शन और सनबर्न जैसी स्किन प्रॉब्लम्स काफी बढ़ जाती हैं. बड़ी संख्या में लोग त्वचा की इन समस्याओं का शिकार हो जाते हैं. इससे बचने के लिए लोगों को पर्सनल हाइजीन, सनस्क्रीन समेत कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. इन परेशानियों से बचने के लिए धूप और पसीना से बचाव करना चाहिए.

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गर्मियों में स्किन को हेल्दी रखने के लिए पसीना और धूप से बचाना जरूरी होता है.

Summer Skin Care Tips: गर्मियों की शुरुआत होते ही पारा बढ़ने लगता है और इसका सीधा असर हमारी स्किन पर पड़ने लगता है. जब तेज धूप और उमस बढ़ती है, तब अस्पतालों में घमौरियों, मुंहासों और सनबर्न के मरीजों की कतारें लंबी होने लगती हैं. दरअसल हमारी स्किन बाहरी वातावरण के प्रति बेहद सेंसिटिव होती है और मौसम में आने वाला अचानक बदलाव इसकी प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है. पसीने और धूल-मिट्टी का मिश्रण जब त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर देता है, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि ये समस्याएं क्यों होती हैं और इनसे कैसे बचें.

यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए हमारे शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है. जब पसीना अधिक निकलता है और त्वचा की सतह पर मौजूद डेड सेल्स या धूल के कारण ग्रंथियों के मुहाने बंद हो जाते हैं, तो पसीना बाहर नहीं निकल पाता. यही पसीना त्वचा के नीचे दबकर घमौरियों का रूप ले लेता है, जिसमें तेज खुजली और छोटे-छोटे लाल दाने निकल आते हैं. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप दिन में कम से कम दो बार नहाएं और हमेशा सूती व ढीले कपड़े पहनें, ताकि हवा का संचार बना रहे और पसीना आसानी से सूख सके. इससे घमौरियों की समस्या से बचाव हो सकता है.

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सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणें गर्मियों में सबसे ज्यादा घातक होती हैं. बिना सुरक्षा के लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा की ऊपरी परत जल जाती है, जिसे सनबर्न कहा जाता है. इसके अलावा शरीर मेलानिन का उत्पादन बढ़ा देता है जिससे त्वचा काली पड़ने लगती है. यूवी किरणें न केवल त्वचा की रंगत बिगाड़ती हैं, बल्कि कोलेजन को भी नष्ट करती हैं, जिससे समय से पहले झुर्रियां दिखने लगती हैं. इससे बचने का एकमात्र उपाय है कि घर से बाहर निकलने से 20 मिनट पहले अच्छी सनस्क्रीन जरूर लगाएं. इसके अलावा ह्यूमिडिटी या उमस वाले मौसम में फंगल इन्फेक्शन का खतरा बहुत बढ़ जाता है. शरीर के वे हिस्से जहां पसीना अधिक आता है और जो कपड़ों से ढके रहते हैं, वहां नमी के कारण फंगस तेजी से पनपने लगता है. इससे बचने के लिए नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाना जरूरी है. एंटी-फंगल डस्टिंग पाउडर का उपयोग करें और साफ-सफाई रखें.

अक्सर लोग सोचते हैं कि केवल सर्दियों में स्किन ड्राई होती है, लेकिन गर्मियों के मौसम में भी डिहाइड्रेशन के कारण स्किन अपनी प्राकृतिक चमक खो देती है और बेजान दिखने लगती है. तेज धूप शरीर की नमी को सोख लेती है, जिससे त्वचा अंदर से ड्राई हो जाती है. केवल बाहर से क्रीम या लोशन लगाना पर्याप्त नहीं है. त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना जरूरी है. इसके अलावा नारियल पानी, खीरा, तरबूज और नींबू पानी जैसे प्राकृतिक हाइड्रेटिंग विकल्पों को अपनी डाइट में शामिल करें, ताकि त्वचा अंदर से चमकदार और स्वस्थ बनी रहे.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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