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HRIDAY Scheme Rajasthan: HRIDAY योजना के तहत भद्रकाली लेक क्षेत्र का विकास कर इसे पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया गया है. अब यहां आने वाले लोग केवल 35 रुपये में खूबसूरत लेक व्यू का आनंद ले सकेंगे और ओपन जिम की सुविधा का भी लाभ उठा सकेंगे. इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को बेहतर मनोरंजन व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है. भद्रकाली लेक का नया रूप लोगों को काफी पसंद आ रहा है और यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
हैदराबाद: ऐतिहासिक शहर वारंगल में प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक नया डिस्टेंशन उभर कर सामने आया है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी HRIDAY योजना के तहत विकसित भद्रकाली झील के तट को आम जनता के लिए खोल दिया गया है. करीब 1.1 किलोमीटर लंबा यह स्ट्रेच अब न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुकून का केंद्र बन गया है, बल्कि अपनी सुंदरता के कारण इसकी तुलना हैदराबाद के प्रसिद्ध टैंक बंड और नेकलेस रोड से की जा रही है.
काकतीय शहरी डेवलपमेंट अथॉरिटी KUDA द्वारा इम्पीमेंट इस परियोजना पर कुल 31 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इसमें से 21 करोड़ रुपये हृदय योजना के तहत और शेष 10 करोड़ रुपये कुडा द्वारा वहन किए गए हैं. इस जियो डाइवर्सिटी कल्चर पार्क की कुछ प्रमुख विशेषताएं जिसमें 1.1 किमी लंबा पैदल ट्रैक जो एथिलीन प्रोपाइलीन डायीन मोनोमर (EPDM) से निर्मित है.
ओपन जिम, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, एकीकृत लैंडस्केप लाइटिंग और पर्याप्त पार्किंग. पार्क के डिजाइन में काकतीय वंश की वास्तुकला, भव्य प्रवेश द्वार और मूर्तिकला के माध्यम से ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का प्रयास किया गया है.
लगभग 5 लाख रुपये का खर्च आएगा
पार्क के बेहतर रखरखाव के लिए प्रशासन ने मामूली प्रवेश शुल्क निर्धारित किया है. वर्तमान में बड़ों के लिए 35 रुपये और बच्चों के लिए 25 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है. इसके अतिरिक्त नियमित मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मासिक 400 रुपये और वार्षिक 4,000 रुपये पास की सुविधा भी प्रस्तावित है. अधिकारियों का अनुमान है कि पार्क के मासिक रख रखाव पर लगभग 5 लाख रुपये का खर्च आएगा.
एक अनमोल उपहार साबित हो रहा
वर्तमान में जहाँ 1.1 किमी के हिस्से का काम पूरा हो चुका है वहीं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शेष 2.5 किमी लंबे तटवर्ती क्षेत्र का विकास ग्रेटर वारंगल नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि इस कार्य में तेजी लाई जाए ताकि पूरी झील का कायाकल्प हो सके। यह प्रोजेक्ट न केवल वारंगल की सुंदरता में चार चांद लगा रहा है बल्कि आजादी का अमृत महोत्सव जैसे आयोजनों के बीच यह शहरवासियों के लिए एक अनमोल उपहार साबित हो रहा है।
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