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अगर हम आपसे कहें कि राजस्थान के एक छोटे से इलाके में एक रात ठहरने का किराया 1 लाख से लेकर 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, तो शायद आपको यकीन न हो. लेकिन यह बिल्कुल सच है. हम बात कर रहे हैं पाली जिले के जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व की, जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. यहां अरावली की पहाड़ियों, प्राकृतिक गुफाओं और खुले जंगलों के बीच तेंदुओं को करीब से देखने का रोमांच पर्यटकों को खींच लाता है. खास बात यह है कि जवाई में जंगल सफारी के साथ लग्जरी कैंप और प्रीमियम रिसॉर्ट्स का ऐसा अनुभव मिलता है, जहां एक रात का किराया देश के महंगे लग्जरी होटलों को भी टक्कर देता है. यही वजह है कि विंटर सीजन में यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की मांग बढ़ जाती है और कमरों की कीमतें भी आसमान छूने लगती हैं.
जैसे ही कैलेंडर में अक्टूबर का महीना दस्तक देता है और गुलाबी ठंड की शुरुआत होती है, जवाई के सुपर-लक्जरी रिज़ॉर्ट्स और लग्जरी ग्लैम्पिंग साइट्स की दुनिया पूरी तरह बदल जाती है. अक्टूबर से लेकर 31 दिसंबर (न्यू ईयर) तक यहां का ‘प्रीमियम टूरिज्म सीजन’ रहता है, जहां देश-विदेश के अरबपतियों, बॉलीवुड सेलिब्रिटीज, देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों और रॉयल फैमिलीज़ का तांता लगा रहता है.
जवाई केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा अनूठा स्थान है जहां इंसान और तेंदुए सदियों से एक शांत सह-अस्तित्व की मिसाल पेश कर रहे हैं. यहां ग्रेनाइट की विशाल पहाड़ियों, गुफाओं और बहती नदी के बीच बिना किसी पिंजरे या बाधा के खुले में तेंदुओं को देखना एक ऐसा रोमांच है, जो दुनिया में शायद ही कहीं और मिलता है. यहां की बिलावड़ और मारवाड़ की संस्कृति, ग्रामीण परिवेश और वन्यजीव प्रेमियों के लिए जवाई किसी जन्नत से कम नहीं है.
यही कारण है कि सीजन शुरू होते ही यहां के रूम्स और लग्जरी टेंट की डिमांड आसमान छूने लगती है. स्थिति यह हो जाती है कि महीनों पहले ही बुकिंग फुल हो जाती है. यहां के टेंट्स और विला में ठहरने वाले मेहमानों को जंगल के बीचों-बीच राजा-महाराजाओं जैसी सुख-सुविधाएं, प्राइवेट पूल, जेडब्लू मैरियट या ताज जैसे ग्रुप्स का आतिथ्य और प्रकृति के बेहद करीब रहने का बेजोड़ अनुभव मिलता है.
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आम दिनों में सामान्य बजट में मिलने वाले होटल के कमरे पर्यटन सीजन में महंगे हो जाते हैं. अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही माउंट आबू में होटल किराए बढ़ने लगते हैं. जैसे-जैसे दिसंबर में क्रिसमस और न्यू ईयर का समय नजदीक आता है, कमरों की कीमतें आसमान छूने लगती हैं. पीक सीजन में कई होटलों के किराए इतने बढ़ जाते हैं कि वे देश के महंगे पर्यटन स्थलों को भी टक्कर देने लगते हैं.
सुजान जवाई में एक रात ठहरने का किराया 1 लाख 9 हजार रुपये से शुरू होकर 2 लाख 60 हजार रुपये तक पहुंच जाता है. वहीं, ब्रिज पोला जवाई लग्जरी जंगल कैंप में भी अक्टूबर से ही कीमतें बढ़ने लगती हैं. प्राइवेट पूल और लग्जरी सुविधाओं वाले इस कैंप में एक रात का शुरुआती किराया 1 लाख 9 हजार रुपये है. पर्यटन सीजन और बढ़ती मांग के साथ यहां ठहरना आम पर्यटकों के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है.
जवाई के लग्जरी होटलों में ठहरना पर्यटकों के लिए खासा महंगा साबित होता है. स्टोरी बाय आईटीसी होटल जवाई में एक रात का किराया करीब 94 हजार रुपये है. वहीं, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ का अनुभव देने वाले बिजापुर लॉज जवाई में एक रात ठहरने के लिए लगभग 87 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं. वालोरा रिट्रीट जवाई का किराया करीब 70 हजार रुपये है. अन्य प्रीमियम होटलों में भी एक रात का किराया 25 हजार रुपये से शुरू होकर पर्यटन सीजन में कई गुना तक बढ़ जाता है.
अगर आप भी इस विंटर सीजन में प्रकृति की खूबसूरती के बीच तेंदुओं की मौजूदगी और लग्जरी मेहमाननवाजी का अनुभव लेना चाहते हैं, तो जवाई आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है. यहां जंगल, पहाड़ और वन्यजीवों के बीच बिताए पल आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं. हालांकि, पर्यटन सीजन में यहां के लग्जरी कैंप और होटल जल्दी बुक हो जाते हैं. ऐसे में मनपसंद प्रॉपर्टी में ठहरने के लिए एडवांस बुकिंग कराना जरूरी है.




