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Google AI : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से खुद को अपग्रेड करना और इंसानी नियंत्रण से बाहर निकल जाने की आशंका AI लैब्स में काम करने वाले कई वैज्ञानिक जता चुके हैं. अब उनकी भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है. गूगल के जैमिनी एआई ने जो कांड किया है, उसने सभी के माथे पर पसीना ला दिया है.
गूगल ने जैमिनी एआई के बेकाबू होने की पुष्टि की है. (Photo : AI)
नई दिल्ली. दिग्गज टेक विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है. एंथ्रोपिक (Anthropic) के शोधकर्ता इवान ह्यूबिंगर (Evan Hubinger) ने तो इससे अगले एक दशक में मानव जाति के ही खत्म होने की भविष्यवाणी कर दी है. टेक दिग्गजों की डरावनी आशंका सच होती दिख रही है. गूगल के AI मॉडल जैमिनी (Gemini AI) ने एक सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान अपनी सीमाओं को लांघते हुए अपने आप ही (autonomously) तीन कंपनियों के सिस्टम्स को हैक कर लिए. इसे साइबर जगत के इतिहास में संभवतः पहला ऐसा मामला माना जा रहा है, जहां किसी एआई मॉडल ने अपने विवेक से खुद डेटा खोजा, पासवर्ड का अनुमान लगाया और कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगा दी.
इस सनसनीखेज मामले की पुष्टि खुद गूगल ने की है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के एक अधिकारी ने बताया कि जैमिनी ने ऑनलाइन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी खोजी और उन वेबसाइटों तक पहुंचने के लिए क्रेडेंशियल्स का अनुमान लगाया, जिन्हें उसने टेस्ट का हिस्सा समझा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि हर मामले में मॉडल ने सिस्टम में घुसने के बाद कोई और कदम नहीं उठाया. जिन तीन कंपनियों के सिस्टम को जैमिनी ने निशाना बनाया, उनकी इसकी सूचना गूगल ने दी दी.
मई में हुआ था टेस्ट
यह मामला मई महीने का है. साइबर सिक्योरिटी का मूल्यांकन करने वाली स्वतंत्र कंपनी इररेगुलर (Irregular) गूगल के सिस्टम का टेस्ट कर रही थी. इस घटना के बारे में सबसे पहले अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया था. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, जैमिनी एआई ने लगातार पासवर्ड का अनुमान लगाना जारी रखा और आखिरकार उसने एक अत्यधिक सुरक्षित सिस्टम को भी गच्चा दे दिया और उसमें घुस गया.
इस मामले पर इररेगुलर ने कहा है कि उसने अपनी जांच पूरी करने के बाद जुलाई में ही गूगल और प्रभावित कंपनियों को सतर्क कर दिया था. कंपनी ने कहा, “इररेगुलर ने तत्काल कार्रवाई की और हमारी ओर से सामने आए सभी ज्ञात मुद्दों को कई सप्ताह पहले ही ठीक कर दिया गया और उनका समाधान कर दिया गया.”
एआई मॉडल्स को जिम्मेदारी से प्रशिक्षित करने की जरूरत
गूगल में सिक्योरटी इंजीनियरिंग की वाइस प्रेसिडेंट हीदर एडकिन्स ने कहा कि कंपनी ने यह सुनिश्चित किया कि तीनों संस्थाओं को इसकी जानकारी दी जाए. साथ ही ट्रेनिंग पार्टनर के साथ भी विचार-विमर्श करके टेस्टिंग प्रक्रियाओं में बदलाव कर दिए गए हैं. एडकिन्स ने कहा कि ये घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि शक्तिशाली AI मॉडल्स को जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना कितना जरूरी है.
Claude और OpenAI भी दिखा चुके हैं तेवर
AI का इस तरह बेकाबू होना केवल गूगल तक सीमित नहीं है. हाल के दिनों में अन्यAI सिस्टम्स ऐसी ही गुस्ताखी कर चुके हैं. जुलाई, 2026 में एंथ्रोपिक का AI मॉडल Claude अपने तयशुदा टेस्ट एनवायरमेंट से बाहर निकल गया और कथित तौर पर अपने आप तीन अलग-अलग संगठनों को हैक करने में कामयाब रहा. ओपनएआई ने भी कुछ ही दिन पहले खुलासा किया था कि उसके मॉडल्स ने कई “सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सेवाओं” के खिलाफ साइबर हमलों को अंजाम दिया था.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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