डिजिलॉकर: गुमेगा नहीं यहां रखा ड्राइविंग लाइसेंस, मार्कशीट्स भी रहेंगी एकदम सेफ, कैसे करें इस्तेमाल? जानें


आज के डिजिटल युग में कागजी दस्तावेजों को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है. ड्राइविंग लाइसेंस गुम हो जाए, मार्कशीट फट जाए या जरूरी सर्टिफिकेट्स कहीं खो जाएं, तो परेशानी बहुत बढ़ जाती है. लेकिन भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत लॉन्च किया गया डिजिलॉकर (DigiLocker) इस समस्या का सबसे सुरक्षित और आसान समाधान है.

ये एक क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जहां आप अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स को डिजिटल रूप में स्टोर कर सकते हैं. यहां रखे गए डॉक्यूमेंट्स कभी गुम नहीं होते और हर जगह सुरक्षित रहते हैं.

डिजिलॉकर क्या है?
डिजिलॉकर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) का बनाया गया एक सुरक्षित डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट है. यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को अलग-अलग सरकारी और निजी संस्थाओं से जारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में प्राप्त करने, स्टोर करने, शेयर करने और वेरिफाई करने की सुविधा देता है.

ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स यहां उपलब्ध होते हैं. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत ये डिजिटल दस्तावेज मूल कागजी दस्तावेजों के बराबर कानूनी मान्यता प्राप्त हैं. यानी पुलिस चेकिंग में डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने पर कोई चालान नहीं कटेगा.

डिजिलॉकर के फायदे 

सुरक्षा: दस्तावेज क्लाउड पर एन्क्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर होते हैं, इसलिए चोरी या नुकसान का डर नहीं.

कभी गुम नहीं: फिजिकल कॉपी खोने की टेंशन खत्म, बस मोबाइल या कंप्यूटर से एक्सेस करें.

आसान शेयरिंग: QR कोड या लिंक से डॉक्यूमेंट्स किसी के साथ सुरक्षित तरीके से शेयर कर सकते हैं.

पेपरलेस गवर्नेंस: पर्यावरण संरक्षण में योगदान, कागज की बचत.

फ्री स्टोरेज: 1GB तक फ्री स्पेस मिलता है, जिसमें सैकड़ों दस्तावेज आसानी से सेव हो जाते हैं.

डिजिलॉकर कैसे इस्तेमाल करें?

  1. स्टेप-बाय-स्टेप गाइड ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं.
  2. गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ‘DigiLocker’ ऐप डाउनलोड करें, या ऑफिशियल वेबसाइट digilocker.gov.in पर विजिट करें.
  3. अकाउंट बनाएं
  4. अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें. OTP आएगा, उसे वेरिफाई करें. यूजरनेम और पासवर्ड सेट करें.
  5. आधार लिंक करें (जरूरी स्टेप)
  6. अकाउंट बनाने के बाद आधार नंबर दर्ज करें. आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा, वेरिफाई करें. यह स्टेप कई दस्तावेजों को ऑटोमैटिक पुल करने के लिए आवश्यक है.
  7. ड्राइविंग लाइसेंस जोड़ें
  8. डैशबोर्ड पर ‘Issued Documents’ या ‘Pull Documents’ सेक्शन में जाएं. ‘Driving Licence’ चुनें. आपका DL ऑटोमैटिक MoRTH डेटाबेस से पुल हो जाएगा. अगर नहीं होता, तो डिटेल्स चेक करें या mParivahan ऐप से भी लिंक कर सकते हैं.

मार्कशीट और दूसरे सर्टिफिकेट्स जोड़ें
CBSE, राज्य शिक्षा बोर्ड या UGC से जुड़े मार्कशीट/डिग्री ‘Pull’ सेक्शन में उपलब्ध होते हैं. ‘Issued Documents’ में सर्च करें या संबंधित इश्यूअर (जैसे CBSE) चुनकर डॉक्यूमेंट फेच करें.

खुद अपलोड करें
अगर कोई दस्तावेज इश्यूअर से नहीं जुड़ा, तो ‘Uploaded Documents’ में जाकर PDF/JPG फाइल अपलोड करें. ई-साइन से सेल्फ-अटेस्ट भी कर सकते हैं.

इस्तेमाल और शेयरिंग
जरूरत पड़ने पर ऐप खोलें, डॉक्यूमेंट चुनें और QR कोड दिखाएं या PDF शेयर करें. डिजिलॉकर न सिर्फ टाइम बचाता है, बल्कि तनाव भी कम करता है.

चाहे जॉब इंटरव्यू हो, पुलिस वेरिफिकेशन हो या एडमिशन प्रोसेस- सब कुछ मोबाइल में सुरक्षित रहता है. आज ही डिजिलॉकर अकाउंट बनाएं और अपने दस्तावेजों को हमेशा के लिए सेफ रखें. डिजिटल इंडिया का यह उपहार वाकई जीवन आसान बना रहा है.



Source link

Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img