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दिल्ली वालों को अब अपने ही शहर में मिलेगा काश्मीर का मजा. यहां जल्दी ही डल लेक से प्रेरित पार्क बनने जा रहा है. यहां आप श्रीनगर की डल झील में चलने वाली शिकाराओं का लुत्फ उठा सकेंगे.
कश्मीर का मजा लेने के लिए अब दिल्ली वालों को अलग से समय निकाल कर कश्मीर जाने की जरूरत नहीं है. दिल्ली को नया और अनूठा सांस्कृतिक रूप मिलने वाला है. सराय काले खान स्थित बांसेरा पार्क में डल झील की शैली में कश्मीर स्टाइल एक हाउसबोट बनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य कश्मीर के आकर्षण को राजधानी के मध्य में लाना है.

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में स्थित बांसरा पार्क में एक खास हाउसबोट बनाने की योजना शुरू की है. इस परियोजना पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

यह हाउसबोट श्रीनगर की डल झील में चलने वाली शिकाराओं जैसी नहीं होगी. बल्कि इसे जमीन पर स्थायी रूप से बनाया जाएगा. इसे पार्क के फूड कोर्ट और मनोरंजन क्षेत्र के पास रखा जाएगा, ताकि यह लोगों के लिए मिलने-जुलने और समय बिताने की एक खूबसूरत जगह बन सके.
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यह बोट लगभग 60 फीट लंबी और करीब 9 मीटर ऊंची होगी और पूरे पार्क को एक अलग पहचान देगी. इस हाउसबोट का डिजाइन कश्मीरी पारंपरिक कारीगरी से प्रेरित होगा. इसमें स्तंभों, रेलिंग और मेहराबों पर फारसी शैली की सुंदर नक्काशी की जाएगी.

बोट को बनाने में अलग-अलग प्रकार की लकड़ियों का उपयोग होगा.नीचे के हिस्से के लिए देवदार, ऊपरी ढांचे के लिए सीडर और बारीक नक्काशी के लिए अखरोट की लकड़ी. छत और अंदर की दीवारों पर चिनार की लकड़ी के पैनल लगाए जाएंगे.

हाउसबोट केवल देखने की चीज नहीं होगी, बल्कि उपयोग के लिए भी बनाई जाएगी. इसके अंदर एक मल्टीपरपस हॉल, 15 से 20 लोगों के बैठने की जगह, कांच की मीटिंग रूम, लॉबी, पेंट्री, खाने की जगह, गैलरी और आगे-पीछे दोनों ओर डेक होंगे. यहां आप पार्टी भी ऑर्गनाइज कर सकते हैं. ये लो

यह परियोजना यमुना बाढ़ क्षेत्र के पुनरुद्धार अभियान का हिस्सा है. बांसरा पार्क पहले एक बेकार जगह था, जिसे अब बांस के जंगल, बगीचों और सांस्कृतिक गतिविधियों से एक सुंदर सार्वजनिक स्थल में बदला गया है. काम शुरू होने के बाद इसे छह महीने में पूरा करने की योजना है. उम्मीद है कि यह हाउसबोट 2026 मीड तक बनकर तैयार हो जाएगी.





