भारत की वह नदी जिसे अक्सर “विपरीत दिशा में बहने वाली नदी” कहा जाता है, वह है नर्मदा नदी. जहां भारत की अधिकतर नदियां, गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं, वहीं नर्मदा नदी पश्चिम दिशा में बहकर अरब सागर में मिलती है. यह इसे भारत की सबसे अनोखी और भूवैज्ञानिक रूप से खास नदियों में शामिल करती है.
नर्मदा नदी उलटी (विपरीत दिशा) में क्यों बहती है?
नर्मदा नदी रिफ्ट वैली (Rift Valley) में बहती है, जो लाखों वर्ष पहले भूगर्भीय हलचलों से बनी थी. इस घाटी की ढलान पश्चिम की ओर है, इसलिए नदी पूर्व से पश्चिम बहती है.
यह घाटी विंध्याचल (Vindhya) पर्वत और सतपुड़ा (Satpura) पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है.
नर्मदा नदी कहां से निकलती है और कहां मिलती है?
उद्गम स्थान: अमरकंटक, मध्य प्रदेश
राज्यों से होकर गुजरती है: मध्य प्रदेश → महाराष्ट्र → गुजरात
अंत: भरूच (गुजरात) के पास अरब सागर में
नर्मदा नदी की कुल लंबाई लगभग 1,300–1,312 किमी मानी जाती है.
नर्मदा नदी को देखने/घूमने कैसे पहुंचे?
नर्मदा नदी पर कई दर्शनीय स्थान हैं, लेकिन सबसे लोकप्रिय हैं:
1. अमरकंटक (उद्गम स्थल)
यह वह स्थान है जहां नर्मदा निकलती है.
कैसे पहुंचे?
जबलपुर सबसे नजदीकी बड़ा शहर है.
जबलपुर से अमरकंटक की दूरी लगभग 230 किमी है.
आप टैक्सी, बस या निजी वाहन से पहुंच सकते हैं.
2. ओंकारेश्वर (MP) – तीर्थ और सुंदर घाट
यहां नर्मदा एक बेहद खूबसूरत घाट बनाती है.
कैसे पहुंचे?
इंदौर से 2.5 घंटे
ट्रेन से भी ओंकारेश्वर रोड स्टेशन उपलब्ध है.
3. महेश्वर (MP) – प्रसिद्ध घाट और किला
यहां ऐतिहासिक किला और नर्मदा का शांत प्रवाह बेहद आकर्षक दिखाई देता है.
कैसे पहुंचे?
इंदौर से 90 किमी
सड़क मार्ग सबसे सुगम
4. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (गुजरात)
नर्मदा पर बनी सरदार सरोवर डैम इसी इलाके में है.
कैसे पहुंचे?
वडोदरा → केवड़िया (लगभग 90 किमी)
भारत की अधिकांश नदियां पूर्व की ओर बहती हैं, लेकिन नर्मदा नदी भूगर्भीय कारणों से पश्चिम की ओर बहती है, इसलिए इसे “उलटी दिशा” में बहने वाली नदी कहा जाता है.
अगर आप प्राकृतिक सुंदरता, पवित्र घाटों और अनोखी भौगोलिक संरचना को देखना चाहते हैं, तो नर्मदा नदी के तटों पर स्थित ये स्थान आपको ज़रूर पसंद आएंगे.





