5 Offbeat Places In Ladakh: अगर आप जुलाई में लद्दाख घूमने का प्लान बना रहे हैं और भीड़-भाड़ से दूर शांत और खूबसूरत जगहों की तलाश में हैं, तो मशहूर टूरिस्ट जगहों के साथ-साथ कुछ ऐसी जगहों को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के बारे में सोचें जो आम जगहों से हटकर हों. लद्दाख घूमने के लिए जुलाई का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि मौसम सुहावना होता है और ज़्यादातर रास्ते खुले रहते हैं. आइए लद्दाख की ऐसी ही 5 खास जगहों के बारे में जानते हैं जहां आप सच में प्रकृति और शांति का आनंद ले सकते हैं…
तुरतुक
कश्मीर के सबसे उत्तरी हिस्से में बसा तुरतुक अपनी अनोखी बाल्टी संस्कृति, खुबानी के बागों और शांत माहौल के लिए मशहूर है. यहां आप युवाओं को अपनी पारंपरिक विरासत को संजोते हुए देख सकते हैं. इस इलाके को घूमने के लिए जुलाई का मौसम सबसे अच्छा होता है।
आर्यन वैली
अगर आप किसी अनोखी संस्कृति को करीब से जानना चाहते हैं, तो आर्यन वैली ज़रूर जाएं. डाह और हनु जैसे गांव अपने खास मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं. यह कम भीड़-भाड़ वाली और ऑफबीट जगह है.
त्सो कार झील
पैंगोंग झील से छोटी होने के बावजूद, त्सो कार झील का माहौल बहुत शांत है और यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसी जगह है. यहां आप हिमालयी पक्षियों और खुले-विशाल मैदानों के खूबसूरत नज़ारों का आनंद ले सकते हैं.
जंस्कार वैली
एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए ज़ंस्कार वैली किसी स्वर्ग से कम नहीं है. ऊंचे पहाड़, गहरी घाटियां, छोटे-प्यारे गांव और शानदार नज़ारे इस जगह को खास बनाते हैं. जुलाई में सड़क मार्ग से यहां घूमना आसान हो जाता है.
सुमदा चुन
अपने पुराने बौद्ध मठों और शांत माहौल के लिए मशहूर सुमदा चुन उन यात्रियों के लिए एक बेहतरीन जगह है जो भीड़-भाड़ से दूर इतिहास और संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं.
अगर आप इस जुलाई में अनोखी और शांत सुंदरता का अनुभव करना चाहते हैं, तो तुरतुक, आर्यन वैली, त्सो कार, ज़ंस्कार वैली और सुमदा चुन जैसी ऑफबीट जगहों पर ज़रूर जाएं. यहां प्रकृति, स्थानीय संस्कृति और शांति का मेल एक यादगार यात्रा का अनुभव देता है.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.




