ईरान के कई प्रांतों में अमेरिका के हमले, होर्मुज के आसपास मिसाइल सिस्टम और IRGC ठिकाने बने निशाना


अमेरिका ने ईरान के कई प्रांतों में हमले कर होर्मुज के आसपास मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम और IRGC की स्पीड बोटों पर हमला किया। बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए।

फोटो: सोशल मीडिया

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिनमें होर्मुगोजन, मरकाजी, अहवाज, बुशहर, खुजेस्तान और बलूचिस्तान-सिस्तान शामिल हैं। हमलों के दौरान खुजेस्तान में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। इसी बीच यूएस सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचाने की तेहरान की क्षमता को कमजोर करना है।

मिसाइल सिस्टम और IRGC की स्पीड बोटों पर हमला

एक्सियोस ने अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज के आसपास कई स्थानों पर ईरानी मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की छोटी स्पीड बोटों को निशाना बनाया। यूएस सेंटकॉम के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को ‘जवाबदेह’ ठहराने और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर F-22 Raptor, B-1B Lancer और B-2 Spirit जैसे रणनीतिक बमवर्षक और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें भी साझा कीं, जिन्हें उनकी सैन्य ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

बंदर अब्बास और केशम द्वीप तक पहुंची हमलों की गूंज

हमलों के दौरान दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की कि पास के केशम द्वीप पर भी हमला हुआ। केशम के गवर्नर हुसैन अमीर तैमूरी के अनुसार द्वीप पर 10 से 11 ‘दुश्मन के गोले’ गिरे। उन्होंने कहा कि सभी निशाने सैन्य ठिकाने थे और किसी नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि होर्मुगोजन प्रांत में हमलों के दौरान एक रखरखाव कर्मचारी ड्यूटी निभाते समय मारा गया, जबकि दो अन्य कर्मचारी घायल हुए हैं।

होर्मुज विवाद बना टकराव का सबसे बड़ा केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का केंद्र अब होर्मुज स्ट्रेट बन गया है। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी पकड़ कमजोर करने के पक्ष में नहीं है, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बड़ा खतरा मान रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज में किसी भी तरह की बाधा केवल वैश्विक व्यापार को प्रभावित नहीं करेगी, बल्कि एशिया के मलक्का स्ट्रेट से लेकर यूरोप के बोस्पोरस तक अन्य अहम समुद्री मार्गों के लिए भी खतरनाक मिसाल बन सकती है। हालांकि, तेहरान की ओर से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

ट्रंप बोले- सीजफायर प्रभावी रूप से खत्म

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से चल रही 60 दिन की अंतरिम प्रक्रिया अभी आधी ही पूरी हुई थी कि दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव शुरू हो गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह सीजफायर को प्रभावी रूप से समाप्त मानते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में बातचीत की संभावना पूरी तरह बंद नहीं हुई है और वह आगे होने वाली वार्ता के लिए खुले हैं।




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