लौहगढ़ फोर्ट में ऐसा क्या है? कितनी हसीन हैं इसकी वादियां जो कपल के लिए है फेवरेट, कैसा है यहां का मौसम, दिल्ली से कैसे जाएं


Lohagad Fort Trip: अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां इतिहास के साथ पहाड़ों की खूबसूरती, शांत वादियां और यादगार पल बिताने का मौका मिले, तो महाराष्ट्र का लोहागढ़ फोर्ट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच बना यह किला सिर्फ पुराने युद्धों और राजाओं की कहानियों के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि इसकी हरियाली, बादलों से ढकी चोटियां और शानदार व्यू पॉइंट्स इसे कपल्स और नेचर लवर्स के बीच भी काफी लोकप्रिय बनाते हैं.

यहां पहुंचकर ऐसा लगता है जैसे शहर की भागदौड़ से दूर किसी अलग दुनिया में आ गए हों. खासकर मानसून के मौसम में इसकी खूबसूरती देखने लायक होती है, जब पूरी पहाड़ी हरियाली की चादर ओढ़ लेती है.

लोहागढ़ फोर्ट में ऐसा क्या खास है?
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित लोहागढ़ फोर्ट को “आयरन फोर्ट” के नाम से भी जाना जाता है. समुद्र तल से करीब 1,033 मीटर की ऊंचाई पर बना यह किला अपनी मजबूत संरचना और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. लोहागढ़ का इतिहास कई सदियों पुराना है. इस किले पर चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, बहमनी, मुगल और मराठा शासकों का प्रभाव रहा है. साल 1648 में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस किले को अपने नियंत्रण में लिया था. इसकी रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह मराठा साम्राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था. कहा जाता है कि शिवाजी महाराज ने सूरत अभियान से मिली संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए भी इस किले का इस्तेमाल किया था. बाद में पेशवा काल में नाना फडणवीस ने यहां कई निर्माण करवाए.

कपल्स के लिए क्यों फेवरेट है लोहागढ़?
आज के समय में लोहागढ़ सिर्फ इतिहास प्रेमियों की जगह नहीं रह गया है. यहां की शांत वादियां और प्राकृतिक खूबसूरती इसे कपल्स के लिए भी खास बना देती हैं. किले तक पहुंचने वाला रास्ता हरे-भरे पहाड़ों, बादलों और खूबसूरत नजारों से होकर गुजरता है. ट्रेक के दौरान साथ चलते हुए कपल्स यहां की नेचर ब्यूटी को काफी पसंद करते हैं. किले का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा “विंचूकडा” है, जिसे बिच्छू की पूंछ जैसी आकृति के कारण यह नाम मिला है. यहां से दूर-दूर तक फैली सह्याद्रि की पहाड़ियों का नजारा दिखाई देता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यह जगह बेहद खूबसूरत लगती है. कई लोग यहां फोटोशूट, वीकेंड ट्रिप और शांत समय बिताने के लिए आते हैं.

लोहागढ़ का मौसम कैसा रहता है?
लोहागढ़ का मौसम सालभर बदलता रहता है और हर मौसम में इसका अलग अंदाज देखने को मिलता है.

मानसून में लोहागढ़ की खूबसूरती
जून से सितंबर के बीच बारिश के मौसम में लोहागढ़ पूरी तरह हरा-भरा हो जाता है. पहाड़ियों पर फैली हरियाली, छोटे झरने और बादलों से ढका आसमान इसे बेहद आकर्षक बना देते हैं. हालांकि इस दौरान ट्रेकिंग करते समय सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं.

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सर्दियों में घूमने का मजा
अक्टूबर से मार्च तक यहां का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है. ठंडी हवा और साफ आसमान के कारण ट्रेकिंग आसान रहती है. इस समय कपल्स और एडवेंचर पसंद करने वाले लोग ज्यादा संख्या में पहुंचते हैं.

गर्मियों में कैसा रहता है मौसम?
अप्रैल और मई में गर्मी बढ़ जाती है. इस दौरान दोपहर में ट्रेक करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. सुबह जल्दी या शाम के समय जाना बेहतर रहता है.

लोहागढ़ फोर्ट कैसे पहुंचें? दिल्ली से जानिए पूरा रास्ता
दिल्ली से लोहागढ़ फोर्ट जाने के लिए पहले पुणे या मुंबई पहुंचना सबसे आसान तरीका है.

दिल्ली से फ्लाइट के जरिए
दिल्ली से पुणे के लिए कई फ्लाइट उपलब्ध हैं. पुणे पहुंचने के बाद सड़क या ट्रेन से लोनावला और फिर मालवली पहुंचा जा सकता है. मालवली से लोहागढ़ का ट्रेक शुरू होता है.

दिल्ली से ट्रेन के जरिए
दिल्ली से पुणे या मुंबई जाने वाली ट्रेन ली जा सकती है. पुणे से मालवली या लोनावला तक ट्रेन और टैक्सी की सुविधा मिल जाती है. मालवली रेलवे स्टेशन किले के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशनों में से एक है. यहां से करीब 5 किलोमीटर का ट्रेक करना होता है.

सड़क मार्ग से
दिल्ली से सीधे सड़क मार्ग द्वारा जाना लंबा सफर हो सकता है, लेकिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के जरिए लोनावला पहुंचकर आगे का रास्ता आसान हो जाता है. मुंबई से लोहागढ़ करीब 100 किलोमीटर और पुणे से लगभग 60 किलोमीटर दूर है.

आसपास घूमने वाली खूबसूरत जगहें
लोहागढ़ की यात्रा को और खास बनाने के लिए आसपास की जगहों को भी देखा जा सकता है. भजा गुफाएं यहां से करीब 2 किलोमीटर दूर हैं, जहां प्राचीन रॉक-कट गुफाएं देखने को मिलती हैं. इसके अलावा विसापुर किला भी पास में स्थित है, जो ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए शानदार जगह है. लोनावला की खूबसूरत वादियां, कार्ला गुफाएं और यहां की प्रसिद्ध चिक्की भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं.

क्यों जाना चाहिए लोहागढ़ फोर्ट?
लोहागढ़ फोर्ट उन जगहों में शामिल है जहां इतिहास और प्रकृति एक साथ दिखाई देते हैं. यहां पुराने किले की दीवारें अतीत की कहानियां सुनाती हैं तो दूसरी तरफ पहाड़ियों के शानदार नजारे मन मोह लेते हैं. चाहे आप कपल के साथ शांत समय बिताना चाहते हों, दोस्तों के साथ ट्रेकिंग करना चाहते हों या इतिहास को करीब से महसूस करना चाहते हों, लोहागढ़ फोर्ट एक यादगार अनुभव दे सकता है.



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