राजस्थान का ‘मिनी गोवा’ बना चम्बल! नीले पानी, रोमांचक बोटिंग और विदेशी जैसा नजारा देख पर्यटक हुए दीवाने


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Chambal River Tourism: राजस्थान की चम्बल नदी आज पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रही है. नदी का शांत वातावरण, साफ पानी, हरियाली से घिरे किनारे और रोमांच से भरपूर बोट राइड पर्यटकों को गोवा जैसी अनुभूति कराते हैं. यही कारण है कि कई लोग चम्बल के इस खूबसूरत सफर को ‘मिनी गोवा’ के नाम से पुकारने लगे हैं. खासकर कोटा क्षेत्र में विकसित पर्यटन सुविधाओं, चम्बल रिवर फ्रंट और नौकायन गतिविधियों ने इस स्थान की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ फोटोग्राफी, बोटिंग और सुकून भरे माहौल का भरपूर आनंद लेते हैं. सप्ताहांत की छुट्टियों और फैमिली ट्रिप के लिए यह स्थान लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है.

राजस्थान का कोटा शहर अब सिर्फ कोचिंग हब ही नहीं, बल्कि देश के वाइल्डलाइफ और एडवेंचर टूरिज्म का एक नया केंद्र बनकर उभर रहा है. यहाँ की चंबल बोट सफारी पर्यटकों को एक ऐसा अनोखा अनुभव दे रही है.

जो भारत में बहुत कम जगहों पर मिलता है. आमतौर पर लोग जंगलों में जिप्सी सफारी करते हैं, लेकिन कोटा में दो पहाड़ों के बीच बहती शांत चंबल नदी की लहरों पर तैरते हुए वाइल्डलाइफ को करीब से देखना अपने आप में एक जादुई अहसास है.

चंबल बोट सफारी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर्यटकों के लिए दो अलग-अलग रोमांचक रूट्स मौजूद हैं, जो एडवेंचर और प्रकृति का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं. यही वजह है कि यह सफारी स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है.

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पहले रूट में चंबल गार्डन से गराड़िया महादेव: चंबल गार्डन से शुरू होने वाला यह 2 घंटे का बोट सफर पर्यटकों को गराड़िया महादेव तक ले जाता है. इस रूट की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) यहाँ के विशाल कैनियन (Canyons) हैं। दो ऊंचे पहाड़ों और खड़ी चट्टानों के बीच जब बोट गुजरती है, तो ऊपर का नजारा देखकर लोग दंग रह जाते हैं.

बोट ड्राईव करने वाली उर्वर्षि शर्मा ने बताया कि इस दो घंटे की राइड में पानी के किनारे धूप सेकते मगरमच्छ, पेंथर, स्लॉथ बियर, ऊदबिलाव और चट्टानों पर बैठे दुर्लभ उल्लू (Owl) और ईगल (Eagle) आसानी से नजर आ जाते हैं. प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का यह संगम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है.

दूसरे रूट में जवाहर सागर डैम से टाइटैनिक आइलैंड (मुकुंदरा हिल्स का कोर रोमांच): जो लोग एक लंबा ट्रिप और घने जंगल का अहसास चाहते हैं, उनके लिए जवाहर सागर डैम से चलने वाली सफारी सबसे बेस्ट है. चूंकि यह पूरा एरिया मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) के दायरे में आता है, इसलिए यहाँ की वाइल्डलाइफ और भी समृद्ध है.
पहला स्टॉप – टाइटैनिक आइलैंड. दो पहाड़ों के बीच पानी में स्थित यह आइलैंड अपनी अनोखी बनावट के कारण हूबहू ‘टाइटैनिक जहाज’ की तरह नजर आता है. यहाँ पहुंचने वाले पर्यटक इसकी खूबसूरती को कैमरों में कैद करना नहीं भूलते.

अगले स्टॉप्स में बोट आगे चावरा आइलैंड (2 से ढाई घंटे का सफर) और ऐतिहासिक मेसोगढ़ फोर्ट तक जाती है. मुकुंदरा हिल्स के बफर और कोर एरिया से जुड़े होने के कारण इस वाटर सफारी के दौरान खुशकिस्मत पर्यटकों को पहाड़ों पर पैंथर (तेंदुआ) और स्लॉथ बियर (भालू) भी घूमते हुए दिख जाते हैं. इसके अलावा, पानी में अठखेलियां करते ऑटर्स (उदबिलाव) और सर्दियों के मौसम में हजारों मील दूर से आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) इस सफारी की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. कोटा की यह अनूठी बोट सफारी अब वाइल्डलाइफ और एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बनती जा रही है.

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