ये घटनाएं लेबनान के खिलाफ इजरायली शासन की लगातार सैन्य कार्रवाई के जवाब में हुईं। इनमें प्रतिबंधित फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहियेह को निशाना बनाना भी शामिल था।
फार्स न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि इजरायली सेना की कार्रवाई के जवाब में तेज प्रतिक्रिया देना और बड़ी संख्या में संभावित लक्ष्यों की पहचान करना इस चरण में शामिल महत्वपूर्ण कदमों में से था।
बयान के मुताबिक, “आईआरजीसी की सभी लड़ाकू और ऑपरेशनल इकाइयां बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका उद्देश्य दुश्मन को हर मोर्चे पर सबक सिखाना है। साथ ही, दुश्मन की संभावित रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य योजनाएँ भी तैयार कर ली गई हैं।”




