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Summer Bathing Tips: आयुर्वेद के अनुसार सर्दी के मौसम में उष्ण जल यानी गर्म पानी का सेवन करना और इससे नहाना फायदेमंद माना गया है. हालांकि गर्मी के मौसम में उष्ण जल से परहेज करना चाहिए. अगर आपकी तबीयत खराब है, तब इस कंडीशन में आप गुनगुना पानी से नहा सकते हैं और सेवन भी कर सकते हैं. स्वस्थ लोगों को ताजा पानी इस्तेमाल करना चाहिए.
आयुर्वेद में सिर्फ सर्दियों में उष्ण जल से स्नान करना चाहिए.
Ayurveda Health Tips: सर्दी के मौसम में लोगों को गर्म पानी से नहाने में अच्छा लगता है, जबकि गर्मियां आते ही लोगों को ठंडा पानी लुभाता है. अधिकतर लोग गर्मियों में ठंडे पानी से नहाना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे तुरंत ठंडक और ताजगी मिलती है. ठंडा पानी शरीर को गर्मी से राहत दिलाने में भी असरदार माना जाता है. हालांकि कई लोग मानते हैं कि गर्मियों में भी गुनगुने पानी से नहाना फायदेमंद होता है. अब सवाल है कि क्या वाकई ऐसा होता है? इस बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से हकीकत जान लेते हैं.
यूपी के हाथरस स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल और आयुर्वेदाचार्य डॉ. सरोज गौतम ने News18 को बताया कि आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार उष्ण जल यानी गर्म पानी का सेवन केवल ठंड के मौसम में करना चाहिए. सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाना भी बेहद फायदेमंद माना गया है, लेकिन गर्मी में ताजा पानी सेहत के लिए ज्यादा लाभकारी होता है. आयुर्वेद में स्नान को केवल शरीर साफ करने का माध्यम नहीं माना गया है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका है. स्नान से थकान दूर होती है, नींद बेहतर आती है, त्वचा साफ रहती है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है. नहाने से हमारी जठराग्नि यानी डाइजेस्टिव फायर बढ़ती है और थकान दूर हो जाती है.
डॉक्टर सरोज ने बताया कि मौसम के अनुसार पीने और नहाने के पानी का तापमान चुनना चाहिए. गर्मियों में ताजा पानी पीने और नहाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इससे शरीर के प्राकृतिक संतुलन बना रहता है. हालांकि गुनगुना पानी कुछ स्थितियों में गर्मियों में भी फायदेमंद हो सकता है. अगर आपको सर्दी, खांसी, एलर्जी, शरीर में जकड़न, बदन दर्द की समस्या है, तब आप गर्मी में भी गुनगुने पानी से नहा सकते हैं और गुनगुने पानी का सेवन कर सकते हैं. हालांकि आयुर्वेद साफ कहता है कि किसी भी मौसम में सिर पर गर्म पानी नहीं डालना चाहिए. सिर हमेशा ताजा पानी से धोना चाहिए.
आयुर्वेद के अनुसार सिर पर गर्म पानी डालने से बाल कमजोर हो सकते हैं और आंखों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. आयुर्वेद कहता है कि गर्म पानी से नहाने से आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है. हालांकि बीमार होने पर शरीर के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सिर के लिए सामान्य तापमान का पानी बेहतर होता है. इससे शरीर और मस्तिष्क दोनों संतुलित रहते हैं. अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो अपने शरीर की जरूरत के मुताबिक पानी का चुनाव कर सकते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो फेशियल पैरालिसिस, आंखों और कान की बीमारियां हों, डायरिया हो, लंबे समय तक जुकाम हो और अपच की कंडीशन में लोगों को स्नान करने से बचना चाहिए.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





