Trending GK, largest oil reserves in the world: दुनिया की अर्थव्यवस्था में कच्चे तेल की बहुत बड़ी भूमिका है, जिन देशों के पास कच्चे तेल के विशाल भंडार हैं उनकी वैश्विक राजनीति और ताकत में भी बहुत असर पड़ता है. आजकल अमेरिका और रूस जैसे देश तेल को लेकर एक-दूसरे से टकराते रहते हैं.अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच होने वाले वॉर ने एक बार फिर तेल को लेकर संकट की स्थितियां बना दी हैं.ऐसे में आइए समझते आखिर दुनिया में किसके पास ऐसे में जानते हैं कि दुनिया के टॉप 10 देशों में सबसे ज्यादा तेल के भंडार किस-किसके पास हैं और अमेरिका,रूस और ईरान में तेल के मामले में कौन सबसे आगे है?
टॉप 10 देशों में सबसे ज्यादा तेल के भंडार
1.वेनेजुएला- 303.22 बिलियन बैरल
दुनिया में सबसे ज्यादा कच्चा तेल वेनेजुएला के पास है. यह देश लंबे समय से रूस का करीबी रहा है. रूस ने यहां हथियार, निवेश और कूटनीतिक समर्थन दिया है. हाल के सालों में अमेरिका ने यहां सैन्य दबाव बनाया और तेल पर कब्जे की कोशिश की.
2.सऊदी अरब-267.2 बिलियन बैरल
कच्चे तेल के भंडार के मामले में दूसरे नंबर पर सऊदी अरब का नाम है.यह देश पारंपरिक रूप से अमेरिका का सबसे मजबूत सहयोगी रहा है. सऊदी तेल का बड़ा हिस्सा अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को जाता है.
3.ईरान-(लगभग 157-158 बिलियन बैरल)
तेल भंडार के मामले में ईरान तीसरे नंबर पर आता है. ईरान का रूस और चीन के साथ गहरा रिश्ता है.अमेरिका के साथ उसकी दुश्मनी दशकों पुरानी है. ईरान तेल को लेकर अमेरिका के खिलाफ अक्सर सख्त रुख अपनाता है.
4.कनाडा-(लगभग 170 बिलियन बैरल)
कनाडा चौथे या पांचवें नंबर पर आता है. ये NATO का सदस्य है और अमेरिका का बहुत करीबी पड़ोसी भी. कनाडा अपना ज्यादातर तेल अमेरिका को ही एक्सपोर्ट करता है. उसका झुकाव पूरी तरह अमेरिका की तरफ है.
5.इराक-145.02 बिलियन बैरल
तेल भंडार की बात करे तो इराक पांचवें या छठे नंबर पर है. 2003 से अमेरिका का यहां मजबूत प्रभाव रहा है, लेकिन हाल के सालों में रूस और ईरान की मौजूदगी भी बढ़ी है.
6.संयुक्त अरब अमीरात (UAE)-113 बिलियन बैरल
संयुक्त अरब अमीरात(UAE)अमेरिका का रणनीतिक पार्टनर है. पिछले कुछ सालों में रूस और चीन के साथ भी ऊर्जा सहयोग बढ़ाया है लेकिन अमेरिका से रिश्ते सबसे मजबूत हैं.
7.कुवैत-(लगभग 100 बिलियन बैरल के आसपास)
खाड़ी युद्ध के बाद से कुवैत की सुरक्षा और तेल नीति में अमेरिका की बहुत बड़ी भूमिका रही है. उसका झुकाव साफ अमेरिका की तरफ है.
8.रूस-80 बिलियन बैरल
रूस खुद भी टॉप 10 में आता है. ये देश तेल और गैस को अमेरिका के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है. रूस का अपना भंडार काफी बड़ा है और वो दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों में शुमार है.
9.अमेरिका-(लगभग 35-50 बिलियन बैरल)
अमेरिका भी लिस्ट में शामिल है. टेक्सास, नॉर्थ डकोटा और न्यू मैक्सिको जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर तेल उत्पादन होता है. अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा तेल उत्पादन करने वाला देश बन चुका है.
10.लीबिया-48.36 बिलियन बैरल
तेल भंडार में 10वें नंबर पर लीबिया का नाम आता है. गृहयुद्ध के कारण देश दो हिस्सों में बंटा हुआ है. एक हिस्सा रूस का समर्थन करता है दूसरा पश्चिमी देशों का.
तेल: ताकत का बड़ा हथियार
तेल सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि वैश्विक ताकत का बड़ा हथियार है. वेनेजुएला और ईरान जैसे देश रूस के करीब हैं जबकि सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कनाडा अमेरिका के मजबूत सहयोगी हैं. इराक और लीबिया में दोनों तरफ का प्रभाव दिखता है. रूस और अमेरिका दशकों से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं और तेल इस लड़ाई का बड़ा हिस्सा है.ये लिस्ट बताती है कि तेल सिर्फ जमीन के नीचे नहीं, बल्कि दुनिया की राजनीति के केंद्र में है. कौन किसके साथ है ये तेल के भंडार और उत्पादन से भी तय होता है.





