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फरीदाबाद में भीषण गर्मी का असर दिन के साथ अब रातों में भी बढ़ गया है जिससे लोगों की नींद और सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. अस्पतालों में थकान, चक्कर, सांस फूलना और ब्लड प्रेशर के मरीज बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों ने सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में इन दिनों गर्मी लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रही है. दिन में तेज धूप और लू के बाद अब रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रही हैं. रात का तापमान लगातार बढ़ रहा है जिसकी वजह से लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं. इसका असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है. अस्पतालों में थकान, चक्कर, बेचैनी, ब्लड प्रेशर और सांस फूलने जैसी शिकायतों के मरीज बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार गर्म रातें शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं जिससे हार्ट और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है.
ज्यादा गर्मी से शरीर को नुकसान
फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में मेडिसिन विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित अग्रवाल बताते हैं जब बाहर का तापमान 46 डिग्री तक पहुंच जाता है तो शरीर को अपने तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. डॉ. सुमित बताते हैं हमारी बॉडी बाहर के तापमान के हिसाब से खुद को एडजस्ट करती है. जब बाहर बहुत ज्यादा गर्मी होती है तो शरीर के मेटाबॉलिक सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है. इसका असर सीधे दिमाग, नर्वस सिस्टम, हार्ट और शुगर लेवल पर पड़ता है. कई बार शरीर अपना तापमान कंट्रोल नहीं कर पाता जिसकी वजह से लू लगना और हीट स्ट्रोक जैसी परेशानियां सामने आती हैं.
डॉ. सुमित बताते हैं पहले लोग मानते थे दिन गर्म होता है लेकिन रात को मौसम थोड़ा ठंडा हो जाता है. अब हालात बदल चुके हैं. दिन और रात दोनों समय तापमान ज्यादा बना रहता है. लगातार गर्मी रहने से शरीर को हर समय तापमान संतुलित रखने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है. इसका सबसे ज्यादा दबाव हार्ट और ब्रेन पर पड़ता है. इसी वजह से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने का खतरा रहता है.
8 घंटे की नींद है जरूरी
नींद पूरी न होने को लेकर डॉ. सुमित बताते हैं यदि व्यक्ति की नींद पूरी नहीं होती तो शरीर को आराम नहीं मिल पाता. शरीर और दिमाग लगातार थकान में रहते हैं. अगर कोई व्यक्ति देर से सोता है लेकिन आठ घंटे की नींद पूरी कर लेता है, तो दिक्कत कम होती है, लेकिन नींद अधूरी रहने पर शरीर हमेशा थका हुआ महसूस करता है. व्यक्ति फ्रेश महसूस नहीं करता और शरीर के अंगों पर लगातार काम का दबाव बना रहता है.
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें इग्नोर
डॉ. सुमित बताते हैं इस मौसम में उल्टियां होना, लूज मोशन, चक्कर आना, सीने में दर्द, सांस फूलना या ब्लड प्रेशर बढ़ना जैसे लक्षण बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करने चाहिए. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
डॉ. सुमित बताते हैं डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. इन मरीजों का शरीर पहले से कमजोर होता है. गर्मी में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे हार्ट और ब्रेन पर दबाव बढ़ जाता है. पानी की कमी, उल्टी-दस्त और खाना ठीक से न खाने पर शुगर लेवल भी तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है.
गर्मी में किन बातों का रखें ध्यान
डॉ. सुमित बताते हैं बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें. हल्के और ढीले कपड़े पहनें, गहरे रंग के कपड़ों से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें और ठंडी जगह पर आराम करें ताकि गर्म रातों के असर से बचा जा सके.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें





