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Asli Shahad Ki Pehchan: क्या आप जानते हैं कि शहद का रंग ही उसकी शुद्धता, स्वाद और औषधीय गुणों का असली सर्टिफिकेट है? फूलों के आधार पर बदलने वाला शहद का रंग न सिर्फ असली-नकली का फर्क साफ करता है. बल्कि सेहत के कई राज भी खोलता है. जानिए क्यों हल्का शहद स्वाद में ज्यादा मीठा और गहरा शहद पोषक तत्वों व मिनरल्स के मामले में सबसे पावरफुल माना जाता है.

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समस्तीपुर: शहद को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लोग इसे स्वाद, ऊर्जा और औषधीय गुणों के कारण नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शहद का रंग ही उसकी पहचान और गुणवत्ता का बड़ा संकेत होता है. दरअसल मधुमक्खियां जिस फूल के रस यानी नेक्टर को इकट्ठा करती हैं, उसी के अनुसार शहद का रंग, स्वाद और उसकी खासियत तय होती है. यही कारण है कि बाजार में मिलने वाला हर शहद एक जैसा नहीं दिखता. कोई हल्का सफेद या गोल्डन होता है तो कोई गहरा भूरा और एम्बर रंग का नजर आता है. जानकारी के अभाव में लोग इसे सामान्य अंतर समझते हैं, जबकि इसके पीछे फूलों और पौधों की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया जुड़ी होती है. ऐसे में यह खबर उन लोगों के लिए खास है जो लंबे समय से शहद का उपयोग कर रहे हैं लेकिन उसके रंग के पीछे छिपे संकेतों को अब तक नहीं समझ पाए हैं.

कौन सा फूल तैयार करता है कैसा शहद
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ.राजेंद्र कुमार ने बताया कि मधुमक्खियां अलग-अलग फूलों के रस से विभिन्न प्रकार का शहद तैयार करती हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोग रंग के आधार पर शहद को पहचानना सीख जाएं तो वे आसानी से समझ सकते हैं कि यह किस फूल से तैयार हुआ है. वैज्ञानिक के अनुसार लीची और सरसों के फूलों से बनने वाला शहद हल्का सफेद, क्रीम या चमकीला पीला रंग का होता है. सहजन के फूलों से तैयार शहद हल्का गोल्डन या एम्बर दिखाई देता है. वहीं सूरजमुखी का शहद सुनहरे पीले रंग का होता है. नीम और यूकेलिप्टस के फूलों से तैयार शहद हल्का से गहरा भूरा रंग लिए रहता है. वैज्ञानिक ने उदाहरण देते हुए बताया कि जामुन का फल और फूल गहरे रंग के होते हैं, इसलिए उससे बनने वाला शहद भी डार्क ब्राउन या हल्का पर्पल टोन लिए नजर आ सकता है. बहुफूल यानी मल्टीफ्लोरा शहद का रंग हल्के पीले से लेकर गहरे एम्बर तक हो सकता है, क्योंकि इसमें कई फूलों का मिश्रण होता है.

रंग से समझें शहद की गुणवत्ता, स्वाद और औषधीय महत्व
विशेषज्ञों के मुताबिक शहद का रंग केवल उसकी खूबसूरती नहीं बताता, बल्कि उसके स्वाद, घनत्व और औषधीय गुणों की भी जानकारी देता है. हल्के रंग का शहद स्वाद में मीठा और हल्का माना जाता है. जबकि गहरे रंग का शहद अधिक मजबूत स्वाद और अधिक मिनरल्स वाला माना जाता है. यही कारण है कि कई लोग खास बीमारी या स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रकार का शहद चुनते हैं. उदाहरण के तौर पर लीची और सरसों का शहद ऊर्जा और स्वाद के लिए पसंद किया जाता है. जबकि नीम और जंगल से मिलने वाला गहरा शहद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर लोग शहद के रंग और उसके स्रोत को समझ लें तो नकली और असली शहद की पहचान करना भी आसान हो जाएगा. यही वजह है कि आजकल लोग सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि शहद के रंग और उसके फूलों की जानकारी को भी महत्व देने लगे हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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