यो लो, पीरियड्स में दिक्कत होने पर शराब पीने लगती हैं महिलाएं! खूब जोर की लगती है तलब, चॉकलेट दूसरे नंबर पर


महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स की शुरुआत होने से कुछ दिनों पहले से ही कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं. किसी को पेट में दर्द होता है, तो किसी को बहुत ज्यादा मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, सिर दर्द होना शुरू हो जाता है. कुछ महिलाओं को तो पीरियड्स शुरू होने से पहले किसी चीज की क्रेविंग्स बहुत तेज होती है. आमतौर पर ये देखा गया है कि महिलाओं में प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) में नमकीन, चॉकलेट, आइसक्रीम या फिर कोई भी मीठी चीजें खाने की जबरदस्त क्रेविंग होती है. अब कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में कुछ महिलाओं के अंदर शराब के सेवन की भी इच्छा उत्पन्न होती है. शोध के अनुसार, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में एल्कोहल लेने की क्रेविंग जटिल हार्मोनल बदलावों से जुड़ी हो सकती है. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव मस्तिष्क की रसायन प्रक्रिया, खासकर डोपामिन रिवार्ड सिस्टम, को प्रभावित करते हैं, जिससे साइकिल के कुछ चरणों में शराब अधिक आकर्षक लग सकती है.

पीरियड्स के दौरान शराब की क्रेविंग क्यों बढ़ती है?

कई महिलाओं को पीरियड्स आने से पहले मूड स्विंग्स, थकान, चिड़चिड़ापन और अलग-अलग तरह की क्रेविंग्स महसूस होती हैं. हाल में हुए शोध के अनुसार, कुछ महिलाओं में शराब पीने की इच्छा भी बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव अहम भूमिका निभाते हैं.

पीरियड्स साइकिल और हार्मोन का असर
आमतौर पर पीरियड्स साइकिल सामान्यतः 28 दिनों का होता है, जिसमें मुख्य रूप से दो चरण शामिल होते हैं:

फॉलिक्युलर फेज- यह ओव्यूलेशन से पहले का समय होता है.
ल्यूटियल फेज- यह ओव्यूलेशन के बाद और पीरियड्स शुरू होने से पहले का समय होता है.

शोधों के अनुसार, शराब की क्रेविंग अक्सर उस समय बढ़ती है, जब शरीर में एस्ट्रोजन लेवल ऊपर जा रहा होता है. खासकर मिड-फॉलिक्युलर फेज और ल्यूटियल फेज के दौरान यह इच्छा अधिक महसूस हो सकती है.

प्रोजेस्टेरोन में गिरावट और पीएमएस
जब गर्भधारण नहीं होता, तो पीरियड्स से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों हार्मोन तेजी से गिरते हैं. इस दौरान कई महिलाओं को PMS के लक्षण महसूस हो सकते हैं. ये लक्षण निम्न हो सकते हैं.

मूड स्विंग्स
चिंता, स्ट्रेस
चिड़चिड़ापन
उदासी
थकान

जब आप शराब का सेवन करते हैं तो अस्थायी रूप से ये नर्वस सिस्टम को शांत करती है.डोपामिन बढ़ाती है, इसलिए कुछ महिलाओं में ये इमोशनल स्ट्रेस से राहत पाने का आसान तरीका लग सकती है.

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क्या कहती है रिसर्च?
2025 में हुई एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने 21 से 35 वर्ष की महिलाओं को लगातार कई दिनों तक ट्रैक किया. उन्होंने पाया कि पीरियड्स साइकिल के दौरान शराब की क्रेविंग में स्पष्ट बदलाव दिखाई देते हैं. अध्ययन में कहा गया कि ओव्यूलेशन से पहले शराब की इच्छा अधिक हो सकती है. जब एस्ट्रोजन अधिक और प्रोजेस्टेरोन कम होता है, तब क्रेविंग बढ़ सकती है. ये हॉर्मोनल बदलाव बिंज ड्रिंकिंग से भी जुड़े हो सकते हैं.

शराब क्यों नुकसानदायक हो सकती है?
शराब थोड़ी देर के लिए राहत दे सकती है, लेकिन लंबे समय में यह पीएमएस के लक्षणों को और खराब कर सकती है. इससे आपकी नींद खराब हो सकती है. चिंता बढ़ सकती है, शरीर में सूजन और ब्लोटिंग हो सकती है. मूड अधिक अस्थिर हो सकता है. खासकर ल्यूटियल फेज में इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है.

शराब की क्रेविंग को कैसे करें कंट्रोल?
-अपने पीरियड्स साइकिल को ट्रैक करें.
-ऐप्स या कैलेंडर की मदद से उन दिनों को पहचानें, जब cravings ज्यादा होती हैं. इससे आप पहले से खुद को तैयार कर सकती हैं.
-शराब की जगह हेल्दी विकल्प चुनें, जैसे हर्बल टी, मॉकटेल, नारियल पानी पिएं.
-अपनी लाइफस्टाइल को सुधारें. पर्याप्त नींद लें. संतुलित भोजन करें. मैग्नीशियम और बी-विटामिन युक्त डाइट लें.
-योग, मेडिटेशन और हल्की एक्सरसाइज करें.
-आप शराब पीना चाहती हैं तो मात्रा सीमित रखें. पर्याप्त पानी पिएं.
– बहुत अधिक क्रेविंग हो तो एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.



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